दिल्ली एयरपोर्ट पर सोना तस्करी का भंडाफोड़, दुबई से आए 8 यात्रियों से 6.5 किलो गोल्ड बरामद
नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने सोने की तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। दुबई से दिल्ली पहुंची एमिरेट्स की फ्लाइट से आए यात्रियों के पास से करीब 6.5 किलोग्राम सोना बरामद किया गया है। बरामद सोने की कीमत करीब 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में एक महिला समेत कुल आठ यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है।
कस्टम विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद सोना कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की भूमिका है या नहीं। गिरफ्तार यात्रियों से पूछताछ के आधार पर सोने की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दुबई से दिल्ली पहुंचे थे यात्री
जानकारी के मुताबिक सभी यात्री दुबई से एमिरेट्स की फ्लाइट के जरिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को इनके बारे में संदेह हुआ।
इसके बाद यात्रियों और उनके सामान की गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान सोना मिलने पर अधिकारियों ने उसे जब्त कर लिया। सभी यात्रियों के पास से बरामद सोने का कुल वजन करीब 6.5 किलोग्राम बताया गया है।
अधिकारियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले में आठ यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सात पुरुष और एक महिला यात्री शामिल बताए गए हैं।
करीब 9 करोड़ रुपये का सोना
जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत करीब नौ करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में सोना मिलने के बाद कस्टम विभाग ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सभी आठ यात्री आपस में किस तरह जुड़े हुए थे। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या यात्रियों को किसी व्यक्ति या गिरोह ने सोना भारत पहुंचाने के लिए तैयार किया था।
सोने की तस्करी के मामलों में कई बार यात्रियों को निर्धारित रकम या कमीशन के बदले विदेश से सोना लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस मामले में यात्रियों की भूमिका और कथित नेटवर्क के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक महिला समेत आठ गिरफ्तार
कस्टम विभाग ने बरामदगी के बाद एक महिला समेत आठ यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक मामला सीमा शुल्क कानून के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार यात्रियों की यात्रा से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वे इससे पहले कितनी बार दुबई या अन्य विदेशी शहरों की यात्रा कर चुके हैं।
उनके पासपोर्ट और यात्रा रिकॉर्ड की जांच से यह जानकारी सामने आ सकती है कि वे नियमित रूप से विदेश यात्रा करते थे या हाल के दिनों में उनकी यात्राओं की संख्या अचानक बढ़ी थी।
तस्करी नेटवर्क की तलाश
जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा इस बात का पता लगाना है कि बरामद सोना दिल्ली में किस व्यक्ति को सौंपा जाना था। अधिकारियों को आशंका है कि इतनी बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी के पीछे संगठित नेटवर्क हो सकता है।
कस्टम विभाग गिरफ्तार यात्रियों के आपसी संपर्कों और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर सकता है। इसके अलावा उनकी यात्रा बुकिंग और अन्य दस्तावेजों से भी संभावित संपर्कों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
अगर जांच के दौरान दिल्ली या देश के किसी अन्य हिस्से में मौजूद लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
दुबई रूट पर कड़ी निगरानी
दुबई और अन्य खाड़ी देशों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कस्टम विभाग की विशेष नजर रहती है। सोने की कीमतों और आयात शुल्क में अंतर के कारण विदेश से अवैध तरीके से सोना भारत लाने के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं।
तस्कर जांच से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। ऐसे मामलों को पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर यात्रियों की प्रोफाइलिंग, सामान की स्कैनिंग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच की जाती है।
दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में खाड़ी देशों से उड़ानें आती हैं। इस वजह से कस्टम की टीमें संदिग्ध यात्रियों और सामान पर लगातार नजर रखती हैं।
सोने के स्रोत की भी होगी जांच
जांच एजेंसी के सामने एक सवाल यह भी है कि 6.5 किलो सोना दुबई में कहां से खरीदा गया और इसके लिए भुगतान किसने किया। इतनी बड़ी मात्रा में सोने की खरीद और उसे भारत तक पहुंचाने के पीछे वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा सकती है।
इसके अलावा अधिकारी यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या सभी यात्रियों को एक साथ सोना दिया गया था या अलग-अलग स्थानों से इसे उपलब्ध कराया गया था।
अगर किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पहले भी सामने आए तस्करी के मामले
आईजीआई एयरपोर्ट पर इससे पहले भी विदेश से सोना तस्करी के कई मामले पकड़े जा चुके हैं। कस्टम अधिकारी यात्रियों के सामान और व्यवहार में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हैं।
कई मामलों में तस्कर सोने को अलग-अलग रूप में छिपाकर लाने का प्रयास करते हैं। इसके बावजूद एयरपोर्ट पर आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम और खुफिया सूचनाओं की मदद से ऐसी कोशिशों का खुलासा होता रहा है।
मौजूदा मामले में 6.5 किलोग्राम सोने की एक साथ बरामदगी को महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
आगे की जांच जारी
कस्टम विभाग ने बरामद सोने को जब्त कर लिया है और आठों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सोने के स्रोत, भारत में उसके संभावित खरीदार और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों की जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर दुबई से आए यात्रियों से करीब 6.5 किलो सोना बरामद होने और एक महिला समेत आठ यात्रियों की गिरफ्तारी के बाद कस्टम विभाग पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि करीब नौ करोड़ रुपये मूल्य का यह सोना आखिर किसके लिए भारत लाया गया था।