नई दिल्ली। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ इंडिगो का बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान बुधवार तड़के तकनीकी समस्या सामने आने के बाद वापस लंदन लौट आया। एयरलाइन के मुताबिक उड़ान संख्या 6E4 को एहतियात के तौर पर हीथ्रो वापस लाने का फैसला किया गया और विमान सुरक्षित उतर गया।

फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान ने लंदन हीथ्रो से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद विमान ने वापस लौटने का रास्ता लिया। इसके बाद इसे हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।

उड़ान भरने के बाद सामने आई तकनीकी समस्या

लंदन से दिल्ली के लिए रवाना होने के कुछ समय बाद चालक दल को विमान में तकनीकी समस्या का पता चला। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलटों ने आगे दिल्ली की यात्रा जारी रखने के बजाय लंदन वापस लौटने का फैसला किया।

इंडिगो ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 23 सितंबर को लंदन से दिल्ली जाने वाली उड़ान 6E4 तकनीकी समस्या के कारण वापस लौट गई। एयरलाइन ने इसे एहतियाती कदम बताया और कहा कि विमान को जांच के लिए रोक दिया गया है।

तकनीकी खराबी की सटीक प्रकृति को लेकर शुरुआती जानकारी में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में समस्या किस सिस्टम से संबंधित थी, इसे लेकर आधिकारिक तकनीकी जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना होगा।

करीब एक घंटे तक हवा में रहा विमान

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार बोइंग 787-9 विमान हीथ्रो से उड़ान भरने के बाद लगभग एक घंटे तक हवा में रहा। बाद में उसने दिशा बदली और वापस उसी एयरपोर्ट की ओर लौट गया जहां से उड़ान शुरू हुई थी।

विमान के वापस लौटने की सूचना के बाद यात्रियों की आगे की यात्रा प्रभावित हुई। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही।

ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन आम तौर पर प्रभावित यात्रियों को उपलब्धता के आधार पर दूसरी उड़ानों में भेजने या अन्य यात्रा विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।

हीथ्रो पर सुरक्षित लैंडिंग

विमान की वापसी के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसे लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। शुरुआती रिपोर्टों में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की जानकारी नहीं है।

विमान के उतरने के बाद उसे आवश्यक तकनीकी निरीक्षण के लिए भेजा गया। विमान को दोबारा परिचालन में लाने से पहले इंजीनियरिंग टीम द्वारा निर्धारित जांच और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के तहत किसी तकनीकी संकेत को गंभीरता से लिया जाता है। उड़ान के दौरान ऐसी समस्या सामने आने पर चालक दल उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर निकटतम या उपयुक्त एयरपोर्ट पर उतरने अथवा प्रस्थान वाले एयरपोर्ट पर लौटने का फैसला कर सकता है।

बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर था विमान

लंदन-दिल्ली उड़ान का संचालन बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर से किया जा रहा था। यह लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला वाइड-बॉडी विमान है।

इंडिगो ने अपने लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार के लिए नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से बोइंग 787-9 विमान वेट-लीज पर लिए हैं। इन विमानों के जरिए एयरलाइन यूरोप और भारत के बीच लंबी दूरी की सेवाओं का संचालन कर रही है।

वेट-लीज व्यवस्था में विमान के साथ चालक दल, रखरखाव और बीमा जैसी सेवाएं भी विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी से जुड़ी होती हैं।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

तकनीकी समस्या के कारण फ्लाइट वापस लौटने के बाद यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इंडिगो ने कहा कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की जा रही है।

लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान में इस तरह की घटना होने पर यात्रियों के कनेक्टिंग फ्लाइट और आगे के यात्रा कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है। एयरलाइन की कोशिश यात्रियों को उपलब्ध विकल्पों के जरिए उनके गंतव्य तक पहुंचाने की होती है।

इंडिगो ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया और कहा कि सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

तकनीकी जांच के बाद ही आगे की उड़ान

हीथ्रो लौटने के बाद बोइंग 787-9 की तकनीकी जांच की जा रही है। इंजीनियर यह पता लगाएंगे कि उड़ान के दौरान किस तरह की तकनीकी समस्या सामने आई और क्या विमान को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है।

किसी विमान में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद उसे तभी दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाती है, जब आवश्यक निरीक्षण और रखरखाव प्रक्रिया पूरी हो जाए तथा वह परिचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरा उतरे।

फिलहाल एयरलाइन ने तकनीकी समस्या की प्रकृति का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए किसी विशेष उपकरण या सिस्टम में खराबी होने का दावा करना उचित नहीं होगा।

लंबी दूरी की उड़ानों का विस्तार कर रही इंडिगो

इंडिगो पिछले कुछ समय से अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है। एयरलाइन पारंपरिक रूप से नैरो-बॉडी विमानों के बड़े बेड़े के लिए जानी जाती रही है, लेकिन लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश के साथ उसने वाइड-बॉडी विमानों का इस्तेमाल बढ़ाया है।

बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर के जरिए यूरोप के महत्वपूर्ण शहरों को भारत से जोड़ने की रणनीति इसी विस्तार का हिस्सा है। इंडिगो ने लंदन हीथ्रो-दिल्ली मार्ग पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है।

ऐसे में लंबी दूरी की सेवाओं में विमान की उपलब्धता और तकनीकी विश्वसनीयता एयरलाइन के संचालन के लिए महत्वपूर्ण रहती है।

सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार उड़ान का वापस लौटना अपने आप में किसी गंभीर दुर्घटना का संकेत नहीं होता। कई बार चालक दल तकनीकी संकेत मिलने पर एहतियात के तौर पर विमान को वापस उतारने का निर्णय लेता है, ताकि जमीन पर विस्तृत जांच की जा सके।

लंदन-दिल्ली इंडिगो उड़ान के मामले में भी एयरलाइन ने इसे तकनीकी समस्या के बाद उठाया गया एहतियाती कदम बताया है। विमान सुरक्षित उतर चुका है और तकनीकी टीम इसकी जांच कर रही है।

फिलहाल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। विमान की जांच पूरी होने के बाद ही इसे दोबारा सेवा में शामिल करने पर फैसला होगा।

इस घटना में राहत की बात यह रही कि तकनीकी समस्या का पता चलने के बाद चालक दल ने समय रहते विमान को वापस लंदन हीथ्रो ले जाने का निर्णय लिया और लैंडिंग सुरक्षित रही।

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