नई दिल्ली : 3 नवंबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने यात्रियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप शुरू की जाएंगी। ये सेवाएं बुधवार, 4 नवंबर 2026 से संचालित होंगी। एनसीआरटीसी का मानना है कि अतिरिक्त फेरे उपलब्ध होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और प्रदूषण कम करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। ऐसे में परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना आवश्यक माना जा रहा है। एनसीआरटीसी ने इसी दिशा में नमो भारत ट्रेन सेवाओं का विस्तार करने की घोषणा की है।एनसीआरटीसी के अनुसार, अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक पूरे नमो भारत कॉरिडोर पर संचालित होंगी। इससे दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए यह निर्णय उपयोगी साबित हो सकता है।
नमो भारत कॉरिडोर पर बड़ी संख्या में लोग रोजाना अपने कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंचते हैं। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर सड़क यातायात का दबाव भी अधिक रहता है। ऐसे में अतिरिक्त रेल सेवाएं यात्रियों को निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगती है। मौसम संबंधी परिस्थितियों, वाहनों से निकलने वाले धुएं, सड़क की धूल और विभिन्न प्रदूषण स्रोतों के कारण हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे समय में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण रणनीतियों में शामिल है।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अधिक संख्या में लोग निजी कारों और दोपहिया वाहनों के स्थान पर रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है। इससे यातायात जाम और वाहन उत्सर्जन घटाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि प्रदूषण पर वास्तविक प्रभाव यात्रियों की संख्या और निजी वाहनों के उपयोग में होने वाली कमी पर निर्भर करेगा।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई कदम उठाए जा रहे हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण के साथ सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने भी यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की है। इस तरह दिल्ली मेट्रो और नमो भारत दोनों परिवहन प्रणालियों के माध्यम से यात्रियों को निजी वाहनों के विकल्प उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।नमो भारत परियोजना दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच क्षेत्रीय संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 82 किलोमीटर है। यह परियोजना पारंपरिक सड़क परिवहन के मुकाबले तेज, सुविधाजनक और निर्धारित समय पर यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराती है।
नमो भारत ट्रेनें आधुनिक तकनीक से लैस हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनमें आधुनिक स्टेशन सुविधाएं, आरामदायक कोच और तेज आवागमन की व्यवस्था विकसित की गई है। इस परिवहन प्रणाली का उद्देश्य क्षेत्रीय यात्रा को सरल बनाना और दिल्ली-NCR के विभिन्न शहरों के बीच संपर्क मजबूत करना है।एनसीआरटीसी की ओर से अक्टूबर 2026 में जारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत सेवाओं की शुरुआत के बाद से 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज की जा चुकी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2023 को इस परियोजना के शुरुआती हिस्से का उद्घाटन किया था। इसके बाद नमो भारत क्षेत्रीय परिवहन के महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरी है।अतिरिक्त 20 ट्रिप शुरू होने से यात्रियों को ट्रेनों के लिए इंतजार कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही अधिक सेवाएं उपलब्ध होने से भीड़ के दबाव को संभालना आसान हो सकता है। हालांकि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्टेशन पर ट्रेनों के संशोधित समय और अंतराल की विस्तृत जानकारी के लिए यात्रियों को एनसीआरटीसी के आधिकारिक अपडेट देखने होंगे।
नमो भारत कॉरिडोर की एक प्रमुख विशेषता अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से इसका संपर्क है। विभिन्न स्टेशनों को दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे, बस सेवाओं और अन्य स्थानीय परिवहन विकल्पों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इससे यात्रियों को अपने शुरुआती स्थान से अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलती है।दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह संपर्क विशेष रूप से उपयोगी है। सड़क मार्ग पर यातायात जाम होने की स्थिति में नमो भारत एक वैकल्पिक परिवहन साधन उपलब्ध कराती है। निर्धारित रेल मार्ग पर संचालन होने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में भी आसानी होती है।परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन की सफलता केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर निर्भर नहीं करती। स्टेशनों तक पहुंच, किफायती किराया, समयबद्ध सेवाएं और अंतिम गंतव्य तक परिवहन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। इन सुविधाओं में सुधार होने पर अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सामूहिक परिवहन को प्राथमिकता दे सकते हैं।वहीं त्योहारों के आसपास यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त रेल सेवाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं। दिल्ली-NCR से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को अधिक यात्रा विकल्प मिलने की उम्मीद है। एनसीआरटीसी ने यात्रियों की बदलती जरूरतों के अनुसार सेवाओं में सुधार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।फिलहाल बढ़ते प्रदूषण के बीच एनसीआरटीसी का यह फैसला राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। 4 नवंबर से शुरू होने वाली 20 अतिरिक्त नमो भारत ट्रिप यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के साथ सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेंगी।सरकार और परिवहन एजेंसियों के सामने अब चुनौती यह है कि अधिक से अधिक लोगों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। नमो भारत की अतिरिक्त सेवाएं इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो सकती हैं।