नई दिल्ली/ब्रासीलिया। ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने एक बार फिर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। रविवार, 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथा कार्यकाल हासिल किया। उनकी इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हार्दिक बधाई दी और भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने लूला को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूला डा सिल्वा की जीत को उल्लेखनीय बताया।
उन्होंने अपने बधाई संदेश में लूला को प्रिय मित्र कहकर संबोधित किया और भारत तथा ब्राजील के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की इच्छा जताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में अपना सहयोग मजबूत करते रहेंगे।
उन्होंने वैश्विक दक्षिण की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अधिक समावेशी, समान तथा टिकाऊ विश्व व्यवस्था की दिशा में मिलकर काम करने पर भी जोर दिया।
मोदी का यह संदेश भारत और ब्राजील के बीच मौजूदा राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
कड़े मुकाबले में लूला ने हासिल की जीत
ब्राजील में रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लूला डा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
मतगणना पूरी होने के बाद ब्राजील के चुनावी अधिकारियों ने लूला की जीत की पुष्टि की।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लूला को लगभग 51.8 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पर करीब 44 लाख मतों की बढ़त हासिल की।
इस जीत के साथ लूला लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद पर कार्यकाल संभालेंगे।
चुनाव परिणामों ने देश में उनके राजनीतिक समर्थन को एक बार फिर स्पष्ट किया है।
चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड
लूला डा सिल्वा ब्राजील की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।
वह इससे पहले वर्ष 2003 से 2010 तक लगातार दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति रहे थे।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 का चुनाव जीता और जनवरी 2023 में फिर राष्ट्रपति पद संभाला।
अब 2026 के चुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने अपना चौथा कार्यकाल सुनिश्चित कर लिया है।
लूला की राजनीतिक यात्रा में सत्ता में वापसी और लंबे अंतराल के बाद दोबारा जनसमर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण रहा है।
उनकी नई जीत को ब्राजील की घरेलू राजनीति के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत-ब्राजील संबंधों को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को विशेष महत्व दिया।
दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि, रक्षा, प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी करते हैं।
ब्राजील दक्षिण अमेरिका की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।
लूला के दोबारा निर्वाचित होने से द्विपक्षीय सहयोग में निरंतरता बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
हालांकि किसी नई परियोजना या समझौते की घोषणा प्रधानमंत्री के बधाई संदेश में नहीं की गई है।
वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ब्राजील के साझा हितों का उल्लेख करते हुए वैश्विक दक्षिण के देशों की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की बात कही।
वैश्विक दक्षिण से सामान्यतः एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों के समूह को संदर्भित किया जाता है।
इन देशों के लिए आर्थिक विकास, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, वित्तीय सहायता और वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
भारत और ब्राजील विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने का समर्थन करते रहे हैं।
मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व व्यवस्था के निर्माण की दिशा में सहयोग जारी रखेंगे।
ब्रिक्स में भी महत्वपूर्ण साझेदार हैं दोनों देश
भारत और ब्राजील ब्रिक्स समूह के महत्वपूर्ण सदस्य हैं।
इस मंच के जरिए दोनों देश वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, विकास वित्त, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते हैं।
ब्राजील में लूला की जीत के बाद ब्रिक्स में सहयोग की दिशा पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी लूला की जीत के संभावित भू-राजनीतिक प्रभावों का उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा कि लूला का नेतृत्व बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और वैश्विक दक्षिण के देशों की भूमिका से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
दुनिया के कई नेताओं ने दी बधाई
लूला डा सिल्वा की जीत पर भारत के अलावा दुनिया के कई देशों के नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने चुनाव परिणाम का स्वागत किया और ब्राजील के लोगों को बधाई दी।
पराग्वे, उरुग्वे, बोलीविया और क्यूबा के नेताओं ने भी लूला की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कई नेताओं ने क्षेत्रीय सहयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
लैटिन अमेरिकी देशों के लिए ब्राजील एक महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक साझेदार है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर पड़ोसी देशों की भी नजर थी।
चुनाव परिणाम के बाद नई सरकार की चुनौतियां
लूला के सामने नए कार्यकाल में आर्थिक विकास, रोजगार, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे।
ब्राजील दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और अमेजन वर्षावन का बड़ा हिस्सा भी इसी देश में स्थित है।
ऐसे में आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना वहां की नीतियों का महत्वपूर्ण विषय है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्राजील को व्यापार, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मामलों में भी भूमिका निभानी होगी।
मोदी और लूला की साझेदारी पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के बीच पहले से राजनयिक संवाद होता रहा है।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग की आवश्यकता जताई है।
अब लूला के चौथी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भारत और ब्राजील के संबंधों में आगे की गतिविधियों पर नजर रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का बधाई संदेश स्पष्ट करता है कि भारत ब्राजील के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है। आने वाले समय में व्यापार, निवेश, ऊर्जा और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं पर दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।