नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इंडिया गठबंधन के नेताओं, सांसदों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को विपक्षी एकता मजबूत करने और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन की आगामी रणनीति तय करने से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि राहुल गांधी सभी नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद सामूहिक फैसले लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष अपने अगले कदमों पर मिलकर निर्णय करेगा।राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के सांसदों, संसदीय दलों के नेताओं, नागरिक समाज के सदस्यों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को अपने दिल्ली स्थित आवास पर चाय-नाश्ते के लिए आमंत्रित किया था। बैठक का प्रमुख उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष की रणनीति पर चर्चा करना था।
राहुल गांधी सामूहिक फैसले लेते हैं: मणिक्कम टैगोर
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में राहुल गांधी की कार्यशैली का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सांसदों और विभिन्न दलों के फ्लोर लीडर्स को बैठक में आमंत्रित किया गया है।टैगोर ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे नेता हैं, जो दूसरे नेताओं से विचार-विमर्श करके सामूहिक निर्णय लेते हैं। उन्होंने बताया कि विपक्ष कई स्तरों पर अपनी बात रख रहा है और आगे की रणनीति भी सभी नेताओं की सहमति से तय की जाएगी।उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी और जनमत से जुड़े स्तरों पर भी जारी है।
कानूनी, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक लड़ाई का जिक्र
मणिक्कम टैगोर ने कहा कि राहुल गांधी ने सोमवार को विभिन्न स्तरों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही थी।उनके मुताबिक, विपक्ष एक साथ कानूनी, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर अपनी लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को कानूनी लड़ाई के तहत न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था।टैगोर ने बताया कि आगे के कदमों पर सभी सहयोगी दल मिलकर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में विचार-विमर्श के बाद सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा।
दिल्ली में विपक्ष ने निकाला था मार्च
इस बैठक से एक दिन पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में विरोध मार्च निकाला था।मार्च का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध दर्ज कराना था।विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।कई विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े, जबकि पुलिस ने निर्धारित मार्गों पर बैरिकेडिंग की थी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका
राहुल गांधी सहित इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दाखिल की गई।याचिका में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया है।विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की है।हालांकि चुनाव आयोग और भाजपा मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ी किए जाने के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। आरोपों की कानूनी स्थिति का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
राहुल गांधी के आवास पर चाय-नाश्ते का आयोजन
राहुल गांधी ने नई दिल्ली के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित अपने आवास पर मंगलवार शाम चार बजे बैठक के लिए आमंत्रण दिया था।इसमें इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ नागरिक समाज और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया।इस बैठक से पहले विपक्षी नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम भी रखा गया था। कांग्रेस की ओर से जारी आमंत्रण में सोमवार के मार्च और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का उल्लेख किया गया था।
आगे की रणनीति पर विपक्ष का मंथन
बैठक के दौरान मतदाता अधिकारों, चुनाव आयोग की जवाबदेही और आगामी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर चर्चा प्रस्तावित थी।मणिक्कम टैगोर ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी सहयोगी दलों से सलाह लेकर निर्णय करते हैं। ऐसे में विपक्ष की आगे की कार्रवाई को लेकर विभिन्न दलों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।फिलहाल इंडिया गठबंधन के नेताओं की इस बैठक को चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन की अगली रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि बैठक में लिए गए किसी नए फैसले की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।