Delhi HC ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में युवराज सिंह को अंतरिम राहत दी
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) का कथित तौर पर उल्लंघन करने वाले कुछ ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह इस चरण में भविष्य के कंटेंट के खिलाफ कोई 'ब्लैंकेट इंजेक्शन' (व्यापक रोक का आदेश) जारी नहीं करेगा।
जस्टिस ज्योति सिंह की सिंगल-जज बेंच ने एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया कि मुकदमे में पहचाने गए URL को अपलोड करने वाले लोग सबसे पहले 48 घंटों के भीतर कथित उल्लंघनकारी कंटेंट को हटा दें।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि अगर अपलोड करने वाले ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो युवराज सिंह संबंधित इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म (मध्यस्थ प्लेटफॉर्म) से संपर्क कर सकते हैं, जिन्हें तब 36 घंटों के भीतर कंटेंट को हटाना होगा।
जस्टिस सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह अंतरिम सुरक्षा केवल मुकदमे में विशेष रूप से पहचाने गए URL तक ही सीमित रहेगी और उन्होंने भविष्य में इसी तरह के या एक जैसे कंटेंट को हटाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को कोई सामान्य निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया।
जज ने कहा, "फिलहाल, मैं मुकदमे में शामिल URL को हटाने का निर्देश दे रही हूं। अगर कोई और मामला सामने आता है, तो एक आवेदन दायर करें, और उल्लंघन पाए जाने पर मैं रोक के आदेश (इंजेक्शन) का दायरा बढ़ा दूंगी।"
सुनवाई के दौरान, दिल्ली हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे खुद तय करें कि भविष्य का कंटेंट उल्लंघनकारी है या नहीं।
भविष्य के अपलोड को कवर करने वाला व्यापक आदेश पारित करने से इनकार करते हुए जस्टिस सिंह ने टिप्पणी की, "कौन तय करेगा कि यह एक जैसा कंटेंट है? यह एक बड़ी बहस का विषय है। वे निर्णायक (adjudicators) नहीं हैं। वे उल्लंघनकारी कंटेंट के बारे में फैसला नहीं कर सकते।"
युवराज सिंह ने ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने नाम, छवि, रूप और पहचान के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों (पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स) की सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर उल्लंघनकारी मर्चेंडाइज़ और अनधिकृत कंटेंट के माध्यम से किया गया इस्तेमाल भी शामिल है।
यह मामला उन हाई-प्रोफाइल हस्तियों की बढ़ती सूची में एक और नाम जोड़ता है जो दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का दावा कर रही हैं। हाल के महीनों में, पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर, अभिनेता अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, नागार्जुन, वरुण धवन, काजोल, ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन, गायक जुबिन नौटियाल, फिल्म निर्माता करण जौहर, पॉडकास्टर राज शमानी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और अभिनेता नागा चैतन्य ने अपनी पहचान, शक्ल-सूरत या AI से बनी नकल के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट से सुरक्षा हासिल की है या इसके लिए अपील की है।