हैदराबाद। सऊदी अरब में जारी तनाव और विमान सेवाओं में व्यवधान के बीच करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्रियों के फंसे होने का मामला सामने आया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मक्का, मदीना और जेद्दा में पिछले दो से तीन सप्ताह से बड़ी संख्या में भारतीय यात्री फंसे हुए हैं। इन लोगों को भोजन, आवास और वापसी यात्रा की व्यवस्था करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि कई ट्रैवल एजेंटों ने यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
दो से तीन सप्ताह से फंसे हैं भारतीय यात्री
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि लगभग 4,000 भारतीय नागरिक उमराह करने के लिए सऊदी अरब गए थे, लेकिन उड़ान सेवाएं प्रभावित होने के कारण भारत नहीं लौट पा रहे हैं।उन्होंने कहा कि यात्रियों ने इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया के जरिए सऊदी अरब की यात्रा की थी। वापसी उड़ानें प्रभावित होने के बाद उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ओवैसी के अनुसार, कई यात्री लंबे समय से अपने खर्च पर होटल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ट्रैवल एजेंट यात्रियों की मदद नहीं कर रहे हैं।हालांकि, फंसे हुए यात्रियों की कुल संख्या का स्वतंत्र आधिकारिक सत्यापन अभी सामने नहीं आया है।
डीजीसीए से बड़े विमानों को अनुमति देने की मांग
ओवैसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मांग की कि इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया को जेद्दा के लिए बड़े विमान संचालित करने की तत्काल अनुमति दी जाए।उन्होंने कहा कि एयरबस ए321 जैसे अधिक यात्रियों की क्षमता वाले विमानों के संचालन से बड़ी संख्या में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सकता है।ओवैसी ने दावा किया कि वर्तमान में इन विमान सेवाओं को संचालित करने संबंधी अनुमति की समस्या बनी हुई है। हालांकि, डीजीसीए की ओर से उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने पर भी विचार करने को कहा।
विदेश मंत्री से भी हस्तक्षेप की अपील
असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और विदेश सचिव विक्रम मिस्री का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कियाउन्होंने मांग की कि भारत सरकार सऊदी अरब के अधिकारियों और विमानन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करके यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।ओवैसी ने कहा कि जब तक यात्रियों की वापसी की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
पश्चिम एशिया में तनाव से उड़ान सेवाएं प्रभावित
पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव और सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों पर हुए हमलों के कारण कई भारतीय विमानन कंपनियों ने उड़ान सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया है।भारतीय दूतावास की 18 अक्टूबर की एडवाइजरी के अनुसार, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक स्थगित की थीं। अकासा एयर ने अपनी सेवाओं का निलंबन 27 अक्टूबर तक बढ़ाया था।हालांकि, जेद्दा, मदीना और दम्माम के हवाई अड्डे परिचालन में बने हुए हैं। कुछ अन्य विमानन कंपनियां इन स्थानों से सेवाएं संचालित कर रही हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति की नियमित जानकारी लेने और संबंधित विमानन कंपनियों तथा ट्रैवल एजेंटों के संपर्क में रहने को कहा गया है।दूतावास ने प्रभावित यात्रियों को पासपोर्ट, वीजा, टिकट बुकिंग और ट्रैवल एजेंसी से जुड़ी जानकारी तैयार रखने की सलाह दी है।भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष भी संचालित किए जा रहे हैं।
यात्रियों की सुरक्षित वापसी पर जोर
ओवैसी ने कहा कि उमराह यात्रियों में बुजुर्ग और परिवारों के साथ यात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं। ऐसे में उनकी परेशानी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि यात्रियों की वापसी के लिए तत्काल व्यावहारिक कदम उठाए जाएं।फिलहाल भारत से सऊदी अरब के बीच उड़ान सेवाओं में व्यवधान जारी रहने के कारण यात्रियों की वापसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में भारतीय दूतावास, विमानन कंपनियों और संबंधित सरकारी विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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