लाइफस्टाइल : मौसम में रूखापन आते ही होंठ फटने, पपड़ी जमने और खिंचाव की परेशानी बढ़ने लगती है। कई लोग बार-बार लिप बाम लगाते हैं, फिर भी राहत नहीं मिलती। इसकी वजह कभी होंठ चाटने की आदत तो कभी इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद में मौजूद खुशबू या दूसरे उत्तेजक तत्व हो सकते हैं। ऐसे में देखभाल के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। 

घर पर देखभाल के लिए सादी, खुशबूरहित पेट्रोलियम जेली उपयोगी विकल्प है। साफ हाथों से इसकी परत होंठों पर लगाएं और जरूरत के अनुसार दोबारा इस्तेमाल करें। यह नमी को बनाए रखने में मदद करती है। बहुत रूखे और दरार वाले होंठों के लिए गाढ़ा मरहम हल्के उत्पादों से अधिक उपयोगी हो सकता है। 
लिप बाम लगाते ही जलन, चुभन या असहज ठंडक महसूस हो तो उसे असर होने का संकेत न मानें। उस उत्पाद का इस्तेमाल रोक दें। फटे होंठों पर मेंथॉल, कपूर, खुशबू और कुछ फ्लेवर वाले उत्पाद परेशानी बढ़ा सकते हैं। बाहर निकलते समय कम से कम एसपीएफ 30 वाला, होंठों के लिए बना सन प्रोटेक्शन इस्तेमाल करना भी मददगार है। होंठों को बार-बार जीभ से गीला करने पर कुछ देर राहत महसूस हो सकती है, लेकिन इससे रूखापन बढ़ सकता है। पपड़ी को दांतों या उंगलियों से खींचने से भी बचें। पर्याप्त पानी पिएं और ठंडी या तेज हवा में बाहर जाते समय होंठों को ढककर रखें। 
दादी-नानी के नुस्खों के नाम पर घी, मलाई, शहद या नींबू के मिश्रण को फटे होंठों का पक्का इलाज बताना उचित नहीं है। जलन वाले होंठों पर नए मिश्रण आजमाने की जगह साधारण, बिना खुशबू वाली देखभाल अपनाएं। होंठों को रगड़कर पपड़ी हटाने से भी बचें। नियमित देखभाल के बावजूद दो से तीन सप्ताह में सुधार न आए तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। होंठ गर्म, दर्दनाक और सूजे हुए हों तो संक्रमण की संभावना की जांच कराना जरूरी है।

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