लाइफ स्टाइल : सावन के महीने में बड़ी संख्या में लोग नॉनवेज खाने से परहेज करते हैं। इस वजह से कई जगहों पर चिकन और मटन की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कम हो जाती है। ऐसे में मीट की खरीदारी करते समय उसकी ताजगी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक रखा हुआ या सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया चिकन-मटन खराब हो सकता है। अगर ऐसा मांस गलती से खरीद लिया जाए और उसे खा लिया जाए, तो फूड पॉइजनिंग समेत कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
बासी या खराब मांस में हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसे खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बाजार से चिकन या मटन खरीदते समय केवल उसकी कीमत या दुकान देखकर भरोसा न करें, बल्कि मांस की स्थिति भी जरूर जांचें। ताजा और बासी मीट की पहचान के लिए कुछ आसान संकेतों पर ध्यान दिया जा सकता है।
रंग देखकर करें पहचान
चिकन या मटन खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर नजर डालें। ताजा चिकन आमतौर पर हल्का गुलाबी दिखाई देता है, जबकि मटन का रंग सामान्यतः लाल या गहरा लाल हो सकता है। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों और मांस की स्थिति के कारण रंग में थोड़ा अंतर हो सकता है।
अगर चिकन या मटन का रंग असामान्य रूप से भूरा, ग्रे, हरा या काला दिखाई दे रहा है और साथ में अन्य खराब होने के संकेत भी मौजूद हैं, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है। केवल रंग के आधार पर ही मांस को पूरी तरह ताजा या खराब घोषित नहीं किया जा सकता, इसलिए दूसरे संकेत भी जरूर जांचें।
तेज या अजीब गंध आए तो न खरीदें
मीट की ताजगी पहचानने का एक महत्वपूर्ण तरीका उसकी गंध है। ताजे चिकन या मटन में हल्की प्राकृतिक मांस जैसी गंध हो सकती है, लेकिन अगर उसमें तेज, खट्टी, सड़ी हुई या असामान्य बदबू आ रही है, तो इसे खराब होने का संकेत माना जा सकता है।
खासकर अगर मीट खोलते ही बहुत तेज दुर्गंध महसूस हो, तो उसे खरीदने या इस्तेमाल करने से बचें। खराब मांस को मसालेदार ग्रेवी या तेज मसालों के साथ पकाने से उसकी खराबी खत्म नहीं होती। इसलिए गंध संदिग्ध लगे तो जोखिम न लें।
छूकर और दबाकर भी कर सकते हैं जांच
मीट की बनावट भी उसकी ताजगी के बारे में संकेत दे सकती है। ताजा चिकन या मटन सामान्यतः नम और लचीला होता है। हल्का दबाने पर मांस कुछ हद तक अपनी स्थिति में वापस आ जाता है।
इसके विपरीत, अगर मांस असामान्य रूप से चिपचिपा, लिसलिसा या बहुत ज्यादा नरम महसूस हो रहा है, तो सावधान हो जाना चाहिए। चिकन या मटन की सतह पर असामान्य चिपचिपाहट खराब होने का संकेत हो सकती है। हालांकि, मीट को जांचते समय साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए और हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए।
पैकेट या ट्रे में ज्यादा पानी जमा है तो सावधान
पैक्ड चिकन खरीदते समय पैकेट के अंदर जमा तरल को भी जरूर देखें। मांस में थोड़ी नमी होना सामान्य है, लेकिन अगर पैकेट में बहुत अधिक पानी या तरल जमा है, पैकेज लीक हो रहा है या मांस जरूरत से ज्यादा गीला दिखाई दे रहा है, तो सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा पैकेट की एक्सपायरी या पैकिंग डेट जरूर देखें। पैकेट फूला हुआ हो, सील टूटी हुई हो या उसकी पैकेजिंग खराब हो तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।
बासी मीट खाने से हो सकती है परेशानी
खराब या गलत तरीके से स्टोर किया गया चिकन-मटन खाने से फूडबोर्न बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। दूषित मांस में कुछ हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो पेट की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसके कारण पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
मीट को सुरक्षित रखने के लिए खरीदने के बाद उसे जल्द से जल्द रेफ्रिजरेट करें और कच्चे मांस को दूसरे खाद्य पदार्थों से अलग रखें। चिकन या मटन को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। अगर मांस की ताजगी को लेकर जरा भी संदेह हो या उसमें खराब गंध, असामान्य रंग और चिपचिपापन जैसे कई संकेत एक साथ नजर आएं, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प है।