नई दिल्ली। दीपावली और छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच भारतीय रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ट्रेनों के कोचों में लगे मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएं। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट से मोबाइल, पावर बैंक, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने की सुविधा नहीं मिलेगी। रेलवे ने साफ किया है कि सुरक्षा संबंधी इस नियम में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर पुराने सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। दरअसल, दक्षिण पूर्व रेलवे में हाल ही में एक यात्री का पावर बैंक चार्जिंग के दौरान फट गया था। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई है।
रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे चार्जिंग पॉइंट
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के कोचों में लगे चार्जिंग सॉकेट की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी।इसका मतलब है कि निर्धारित छह घंटों के दौरान यात्री रेलवे के चार्जिंग पॉइंट से अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और पावर बैंक चार्ज नहीं कर सकेंगे।
हालांकि, यह प्रतिबंध कोचों में लगे चार्जिंग पॉइंट के इस्तेमाल से संबंधित है। यात्रियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने या पहले से चार्ज पावर बैंक से फोन चार्ज करने पर इस आदेश में अलग से प्रतिबंध की घोषणा नहीं की गई है।रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे रात 11 बजे से पहले अपने जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज कर लें, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे हुआ सख्त
रेलवे बोर्ड की सख्ती के पीछे दक्षिण पूर्व रेलवे में हुई एक घटना को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को मुंबई से हावड़ा जा रही ट्रेन संख्या 12809 मुंबई मेल में एक यात्री का पावर बैंक चार्जिंग के दौरान फट गया था।यह घटना ओडिशा के बंडामुंडा क्षेत्र के पास ट्रेन के बी-3 कोच में हुई थी।बताया गया कि घटना के समय रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।इसी दौरान चार्ज हो रहा पावर बैंक फट गया और उससे धुआं निकलने लगा।रेलवे बोर्ड ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे बोर्ड ने कहा- किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी
रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि ट्रेन में तैनात कर्मचारियों को इस नियम की जानकारी दी जाए।इसके अलावा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए कि चार्जिंग पॉइंट निर्धारित समय पर बंद हों।रेलवे बोर्ड ने कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जानी चाहिए।सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही रोकने के लिए अधिकारियों और सुपरवाइजरों को भी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
2014 से लागू है यह नियम
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रात के समय मोबाइल चार्जिंग पर प्रतिबंध कोई नया फैसला नहीं है।दरअसल, जून 2014 में रेलवे ने पहली बार रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश जारी किया था।यह निर्णय वर्ष 2013 में बेंगलुरु डिवीजन में हजूर साहिब नांदेड़-बेंगलुरु एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच में आग लगने की घटना के बाद लिया गया था।रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने अग्नि सुरक्षा को देखते हुए रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की सिफारिश की थी।इसके बाद रेलवे बोर्ड ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग बंद रखने की समयसीमा निर्धारित की थी।अब अक्टूबर 2026 में सामने आई घटना के बाद रेलवे ने इन्हीं पुराने निर्देशों को दोबारा कड़ाई से लागू करने के आदेश दिए हैं।
ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं से बढ़ी चिंता
रेलवे में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चार्जिंग से जुड़े संभावित खतरों को लंबे समय से गंभीरता से लिया जाता रहा है।नवंबर 2023 में नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर क्लोन स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में आग लगने की घटना सामने आई थी।उस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने स्लीपर कोचों में भी रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की थी।रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में बड़ी संख्या में यात्री रात के समय सो रहे होते हैं।ऐसे में आग लगने की किसी भी घटना से गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
रेलवे कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नए निर्देशों के प्रभावी पालन के लिए रेलवे बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने को कहा है।ट्रेनों में तैनात कर्मचारियों को यह बताया जाएगा कि चार्जिंग पॉइंट कब बंद करने हैं और सुरक्षा नियमों का पालन किस तरह सुनिश्चित करना है।इसके साथ ही रेलवे अधिकारियों और सुपरवाइजरों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इन निरीक्षणों के दौरान यह जांच की जाएगी कि संबंधित ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट वास्तव में बंद रखे जा रहे हैं या नहीं।
दिवाली और छठ पर यात्रियों को रखना होगा विशेष ध्यान
दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं।विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।कई यात्री लंबी दूरी की यात्रा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल टिकट, यात्रा की जानकारी, परिवार से संपर्क और डिजिटल भुगतान के लिए करते हैं।ऐसे में रात के समय चार्जिंग सुविधा उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है।इसलिए यात्रियों को सफर से पहले ही मोबाइल फोन और अन्य जरूरी उपकरण पर्याप्त चार्ज करने की सलाह दी गई है।
रात में मोबाइल चार्जिंग से क्यों बढ़ सकता है खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पावर बैंक में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित होती हैं।हालांकि, खराब बैटरी, क्षतिग्रस्त चार्जर, शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के कारण उपकरण अत्यधिक गर्म हो सकते हैं।कुछ गंभीर मामलों में बैटरी से धुआं निकलने, आग लगने या विस्फोट होने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।रात के समय यात्रियों के सोने के कारण ऐसी खराबियों का तुरंत पता नहीं चल पाता।इसी जोखिम को कम करने के लिए रेलवे ने निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने पर जोर दिया है।
सफर के दौरान इन सावधानियों का रखें ध्यान
रात में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपने मोबाइल और लैपटॉप पहले से चार्ज करके रखने चाहिए।चार्जिंग के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले और उपकरण के अनुकूल चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए।अगर पावर बैंक या मोबाइल की बैटरी फूली हुई है, उपकरण असामान्य रूप से गर्म हो रहा है या उससे जलने की गंध आ रही है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।इसके अलावा चार्जिंग के दौरान मोबाइल या पावर बैंक को तकिए, कंबल या अन्य ज्वलनशील सामान के नीचे नहीं रखना चाहिए।किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने या आग लगने की स्थिति में तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचना देनी चाहिए।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की प्राथमिकता
रेलवे बोर्ड के इस फैसले का उद्देश्य ट्रेनों में आग लगने की संभावित घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है।दक्षिण पूर्व रेलवे में पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा संबंधी नियमों के पालन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब सभी जोनल रेलवे को रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्था की निगरानी करनी होगी।त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे इस व्यवस्था की जानकारी रखें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की तैयारी करें।
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