पटना। त्योहार हो या कोई खास मौका, मिठाई का नाम आते ही गुलाब जामुन का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। मुलायम, रस से भरे और मुंह में घुल जाने वाले गुलाब जामुन लोगों की पहली पसंद होते हैं। हालांकि, बाजार की मिठाइयों की शुद्धता को लेकर कई बार सवाल उठते रहते हैं। ऐसे में अब कई गृहिणियां बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय घर पर ही शुद्ध सामग्री से गुलाब जामुन बनाना पसंद कर रही हैं।
पटना के सुदर्शन विहार, सेंट्रल स्कूल रोड निवासी मीरा शर्मा ने घर पर बाजार जैसे मुलायम और स्वादिष्ट गुलाब जामुन बनाने की आसान विधि बताई है। उनका कहना है कि घर पर तैयार किए गए गुलाब जामुन न सिर्फ स्वाद में बेहतर होते हैं, बल्कि इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी पूरा नियंत्रण रहता है। शुद्ध खोआ, सही मात्रा में मैदा और उचित तरीके से बनाई गई चाशनी से गुलाब जामुन बिल्कुल हलवाई जैसे तैयार किए जा सकते हैं।
गुलाब जामुन बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का चुनाव करना जरूरी है। इसके लिए 250 ग्राम खोआ यानी मावा, 2 बड़े चम्मच सूजी, 1 बड़ा चम्मच मैदा, एक चुटकी खाने वाला सोडा, 2 कप चीनी, 2 कप पानी, 4 से 5 इलायची, एक छोटा चम्मच गुलाब जल और तलने के लिए घी या रिफाइंड तेल की जरूरत होगी। सजावट के लिए पिस्ता और बादाम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मीरा शर्मा के अनुसार, सबसे पहले खोए को अच्छी तरह मसलना चाहिए ताकि उसमें किसी तरह की गांठ न रह जाए। अगर घर पर दूध से खोआ तैयार कर रहे हैं तो दूध को धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ा करें और फिर उसे ठंडा होने दें। इसके बाद खोए में सूजी, मैदा और एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर नरम आटा तैयार करें।
आटा तैयार करने के बाद इसे करीब 30 मिनट तक ढककर रखना चाहिए। इससे सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और मिश्रण ज्यादा मुलायम हो जाता है। इसके बाद तैयार मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियां बनाएं। ध्यान रखें कि गुलाब जामुन की गोलियों में कोई दरार नहीं होनी चाहिए, क्योंकि तलते समय दरार होने पर वे टूट सकती हैं।
गुलाब जामुन को सही स्वाद और रंग देने के लिए तलने का तरीका सबसे महत्वपूर्ण होता है। कड़ाही में घी या तेल को हल्का गर्म करें और फिर धीमी आंच पर गुलाब जामुन को धीरे-धीरे तलें। धीमी आंच पर तलने से वे अंदर तक अच्छी तरह पकते हैं और उनका रंग सुनहरा भूरा आता है। तेज आंच पर तलने से गुलाब जामुन ऊपर से तो पक जाते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं।
इसके बाद चाशनी तैयार करने की प्रक्रिया आती है। इसके लिए चीनी और पानी को मिलाकर एक तार की चाशनी बनाएं। इसमें इलायची डालने से खुशबू बढ़ जाती है। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें थोड़ा गुलाब जल भी मिलाया जा सकता है। तैयार चाशनी न ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए और न ही बहुत पतली।
तले हुए गर्म गुलाब जामुन को गुनगुनी चाशनी में डालना चाहिए। इन्हें कम से कम दो घंटे तक चाशनी में डूबा रहने दें, ताकि वे अच्छी तरह रस को सोख सकें। इससे गुलाब जामुन अंदर तक मुलायम और रसीले हो जाते हैं।
मीरा शर्मा ने बताया कि गुलाब जामुन को स्पंजी बनाने के लिए खाने वाले सोडे की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अधिक सोडा डालने से गुलाब जामुन का आकार खराब हो सकता है। वहीं, मिश्रण न ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा नरम।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर घर पर ही बाजार जैसे स्वादिष्ट गुलाब जामुन बनाए जा सकते हैं। घर की बनी मिठाई न केवल स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि इसमें मिलावट का डर भी नहीं रहता। यही वजह है कि अब पटना समेत कई शहरों में गृहिणियां पारंपरिक तरीके से घर पर मिठाइयां तैयार करने को प्राथमिकता दे रही हैं।