गोपालगंज-मीरगंज बायपास के लिए जमीन अधिग्रहण तेज

Update: 2026-07-18 16:07 GMT

गोपालगंज। जिले में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गोपालगंज शहर के दूसरे बायपास और मीरगंज बायपास निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत कुल 30.48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इन बायपास परियोजनाओं से शहर में यातायात का दबाव कम होने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4 जनवरी 2025 को अपनी प्रगति यात्रा के दौरान गोपालगंज शहर के दूसरे बायपास और मीरगंज बायपास निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद अब प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों परियोजनाओं के लिए चिन्हित जमीनों की पहचान कर ली गई है और संबंधित गांवों के किसानों से भूमि लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मीरगंज बायपास निर्माण के लिए सबसे अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए कुल 23.37 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह जमीन मीरगंज क्षेत्र के पांच गांवों से ली जाएगी। इनमें हरखौली, पीपरा खास, सलेमपट्टी, बंकीखाल और ईटवा गांव शामिल हैं। इन गांवों के करीब 300 किसानों की जमीन बायपास निर्माण के लिए अधिग्रहित होगी। कुल 212 प्लॉट की जमीन को इसके लिए चिह्नित किया गया है।

मीरगंज बायपास का निर्माण एनएच-531 के सलेमपट्टी पेट्रोल पंप के पास से शुरू होकर मीरगंज-भागीपट्टी-समउर मार्ग के दूसरे किलोमीटर तक किया जाएगा। इस बायपास की कुल लंबाई लगभग 3.18 किलोमीटर होगी। परियोजना के निर्माण पर करीब 130 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, सारण प्रमंडल को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, गोपालगंज शहर के दूसरे बायपास के लिए मांझा अंचल के दो गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए कुल 7.1151 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। मांझा और दानापुर गांवों की जमीन इस परियोजना में शामिल होगी। दानापुर गांव के 41 और मांझा गांव के 87 प्लॉट की जमीन अधिग्रहण के लिए चिन्हित की गई है। इस प्रक्रिया में करीब 180 रैयतों की जमीन शामिल होगी।

गोपालगंज बायपास की कुल लंबाई 12.600 किलोमीटर होगी। यह बायपास एनएच-27 पर मांझागढ़ प्रखंड के दानापुर से शुरू होकर मांझा, देवापुर और कबिलासपुर बाजार होते हुए सदर प्रखंड के तुरकहां तक पहुंचेगा। इस परियोजना पर करीब 1 अरब 26 करोड़ 54 लाख 85 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस बायपास के निर्माण से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। बायपास बनने के बाद भारी वाहनों को शहर के बाहर से गुजरने का रास्ता मिलेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।

गोपालगंज बायपास परियोजना में कुछ हिस्सों में सरकारी जमीन उपलब्ध है। जानकारी के अनुसार, बायपास का करीब 2.30 किलोमीटर हिस्सा दानापुर-मांझा पथ पर स्थित है, जिसे ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया है। वहीं, करीब 10.30 किलोमीटर लंबा हिस्सा जल संसाधन विभाग की विशुनपुरा वितरणी नहर और सारण मुख्य नहर के तटबंध पर बनेगा, जहां पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि गोपालगंज बायपास के लिए चिन्हित 7.1151 एकड़ जमीन की अधिघोषणा कर दी गई है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जरूरी कार्रवाई कर रहा है।

दोनों बायपास परियोजनाओं के पूरा होने से गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी। इससे व्यापार, रोजगार और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। लंबे समय से बायपास निर्माण की मांग कर रहे लोगों को अब इसके धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है।

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