बिहार :  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई देने का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के नेतृत्व और बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि वर्ष 2014 से राज्य को विकास की दिशा में केंद्र का उल्लेखनीय सहयोग मिला है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की और राज्य सरकार की ओर से आभार जताया।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य सचिवालय सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि समाज के वंचित और गरीब वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में बिहार को केंद्र से मिले सहयोग का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, विकास का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने इसी संदर्भ में बिहार सरकार की ओर से केंद्र के सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
मंत्रिमंडल में पारित प्रस्ताव प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा को लेकर है। प्रस्ताव में वर्ष 2014 के बाद बिहार को मिले केंद्रीय सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में इस अवधि को राज्य के विकास के संदर्भ में रखा। हालांकि, साझा विवरण में किसी विशेष परियोजना, योजना या वित्तीय सहायता का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है। केंद्र के योगदान का उल्लेख समग्र रूप से किया गया है और उसके लिए राज्य सरकार ने आभार जताया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा में राष्ट्र और नागरिकों के हित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए आम लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वयं को प्रधान सेवक के रूप में प्रस्तुत करने का उल्लेख भी किया। उनके अनुसार, यह दृष्टिकोण जनसेवा के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के बयान में गरीब और वंचित वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने का विषय प्रमुख रहा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व का प्रेरणादायी पहलू बताया। उनके संबोधन में विकास को केवल उपलब्धियों तक सीमित रखने के बजाय उसके लाभार्थियों के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में किसी खास लाभार्थी समूह की संख्या या योजना का परिणाम शामिल नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री की टिप्पणी को उनके व्यक्त आकलन और प्रशंसा के रूप में ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
बिहार को भविष्य में उद्यमिता, रोजगार और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार इस उद्देश्य के लिए काम करेगी। इस बयान में राज्य की आगे की विकास दिशा का उल्लेख है। उद्यमिता, रोजगार तथा नवाचार को साथ रखकर मुख्यमंत्री ने बिहार के लिए लक्ष्य प्रस्तुत किया। हालांकि, इसे लेकर किसी नई योजना, बजट या समयबद्ध कार्यक्रम की घोषणा का विवरण साझा नहीं किया गया है।
केंद्र और राज्य की राजग सरकारों का उल्लेख करते हुए सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई। उनकी बात भविष्य की कार्यदिशा से जुड़ी है। इसे रोजगार की किसी निश्चित संख्या या किसी विशेष निवेश की स्वीकृति के रूप में नहीं देखा जा सकता। उपलब्ध विवरण में उद्योगों के नाम, प्रस्तावित निवेश और नई परियोजनाओं की सूची नहीं है। इसलिए उद्यमिता तथा नवाचार के केंद्र के रूप में बिहार को विकसित करने की बात फिलहाल सरकार के घोषित
लक्ष्य
के रूप में सामने है।
कैबिनेट का बधाई प्रस्ताव और मुख्यमंत्री का भविष्य संबंधी बयान इस घटनाक्रम के दो मुख्य हिस्से हैं। प्रस्ताव प्रधानमंत्री की जनसेवा यात्रा और बिहार को मिले सहयोग की सराहना करता है। वहीं, मुख्यमंत्री का संबोधन राज्य को उद्यमिता, रोजगार तथा नवाचार से जोड़ने की दिशा बताता है। दोनों विषयों का संदर्भ विकास है, लेकिन उनका स्वरूप अलग है। प्रस्ताव बधाई और आभार का है, जबकि आगे की कार्यदिशा मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त प्रतिबद्धता है।
मुख्य सचिवालय सभागार में हुई बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में मिले सहयोग को लेकर राज्य सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता दिए जाने की प्रशंसा की। इस अवसर पर मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों का विवरण उपलब्ध सामग्री में नहीं है। इसलिए किसी अन्य प्रशासनिक मंजूरी या नीति परिवर्तन को इस खबर से नहीं जोड़ा जा सकता। सामने आए विवरण का केंद्र प्रधानमंत्री के लिए पारित बधाई प्रस्ताव है।
बिहार मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गरीब और वंचित वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने की उनकी प्रतिबद्धता को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने वर्ष 2014 से बिहार को मिले केंद्रीय सहयोग के लिए राज्य सरकार की ओर से आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य की राजग सरकार बिहार को उद्यमिता, रोजगार और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए काम करेगी।
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