लखीसराय में विरोध मार्च के दौरान बवाल, पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Update: 2026-07-25 08:21 GMT

लखीसराय : विपक्षी दलों के छात्र संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को लखीसराय शहर में निकाला गया विरोध मार्च समाहरणालय गेट के पास पहुंचते ही हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद मौके पर अफरातफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारी विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकाल रहे थे। मार्च जैसे ही समाहरणालय परिसर के समीप पहुंचा, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई।

समाहरणालय गेट के पास बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को छात्र संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शहर में जुटे थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी समाहरणालय की ओर बढ़े।

समाहरणालय गेट के पास पहुंचने पर पुलिस ने सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस के साथ कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस पर पथराव, वाहनों में तोड़फोड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव के कारण पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने आसपास खड़े कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।

घटना के बाद इलाके में मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने भी स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती।

पुलिस ने हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया और भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया।

लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़

जब प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

लाठीचार्ज होते ही मौके पर भगदड़ मच गई। प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे। कुछ देर के लिए समाहरणालय क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर अफरातफरी का माहौल रहा।

पुलिस ने इलाके में स्थिति सामान्य करने के लिए मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

विरोध मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि, समाहरणालय के पास अचानक हुई हिंसक घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि पथराव और तोड़फोड़ में कौन-कौन लोग शामिल थे।

वीडियो फुटेज से होगी पहचान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जाएगी। इसके आधार पर उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का पक्ष

प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाल रहे थे। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।

वहीं, पुलिस का कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद ही बल प्रयोग किया गया ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

शहर में बनी रही तनाव की स्थिति

घटना के बाद कुछ समय तक शहर में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लखीसराय में विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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