मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को पालतू कुत्ते ने काटा, डॉक्टर पर लापरवाही का मामला दर्ज
छग
Bilaspur. बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बुजुर्ग पर पालतू कुत्ते द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने कुत्ता मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, तालापारा स्थित खानबाड़ी गली नंबर-1 निवासी शेख अब्दुल सईद खान, जो बिजली विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, रोज की तरह रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। वे करीब 6:30 बजे मगरपारा चौक स्थित बजरंग पंचायत मंदिर के पास से गुजर रहे थे, तभी वहां एक पालतू कुत्ता बिना नियंत्रण के खुला घूम रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने अचानक बुजुर्ग पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर की पिंडली पर काट लिया।
हमले के बाद बुजुर्ग ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को वहां से भगाया। घटना के बाद घायल बुजुर्ग ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुत्ते को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले में छोड़ दिया गया था, जिससे राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुत्ता मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह कुत्ता डॉक्टर स्मृति लाल का बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोगों ने पालतू कुत्तों को खुले में बिना पट्टा या नियंत्रण के घुमाने पर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई बार पालतू कुत्तों को बिना लीश के सड़क पर छोड़ दिया जाता है।
जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खतरा बना रहता है। लोगों ने नगर प्रशासन से इस पर सख्त नियम लागू करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लापरवाही का केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या पहले भी इस तरह की कोई शिकायत दर्ज हुई है या नहीं। पालतू पशुओं के मालिकों की जिम्मेदारी होती है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर अपने जानवरों को नियंत्रित रखें। बिना पट्टा या सुरक्षा के कुत्तों को छोड़ना न केवल लापरवाही है बल्कि यह दूसरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इस घटना के बाद शहर में पालतू जानवरों की देखरेख और नियंत्रण को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में सख्त नियम बनाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।