CG BREAKING: 172 करोड़ के मामले में पूर्व CSMCL MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में सामने आए 172 करोड़ रुपये के शराब ओवरटाइम भुगतान घोटाले मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने पूछताछ के लिए 2 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। अब जांच एजेंसी रिमांड अवधि के दौरान उनसे इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करेगी।
EOW/ACB रायपुर में दर्ज मामले में अरुणपति त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले में धारा 7(बी), 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120बी के तहत जांच की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला CSMCL में कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान, अतिरिक्त कार्य दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर किए गए कथित अनियमित भुगतान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैन पावर एजेंसियों को नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा कथित रूप से कमीशन के रूप में सिंडिकेट द्वारा अर्जित किया गया।
इस मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद हुई थी। जानकारी के अनुसार ED के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने 29 नवंबर 2023 को तीन लोगों से 28.80 लाख रुपये नगद जब्त किए थे। इस कार्रवाई के बाद आवश्यक जांच और कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई थी। इसी आधार पर EOW/ACB में प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज की गई और आगे की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की। इसमें ओवरटाइम भुगतान, अतिरिक्त दिवस भुगतान, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर की गई राशि के वितरण की जांच की गई। आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई।
EOW/ACB अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है। अब पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित भुगतान प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों और लोगों की भूमिका रही और यह राशि किन माध्यमों से वितरित की गई। अरुणपति त्रिपाठी को न्यायालय में पेश करने के बाद 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। रिमांड के दौरान उनसे भुगतान प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका, मैन पावर एजेंसियों से संबंध और कथित कमीशन नेटवर्क को लेकर सवाल किए जाएंगे।
इस मामले में जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कदम उठाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में शराब से जुड़े मामलों को लेकर पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। EOW और ACB द्वारा लगातार दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में पूर्व एमडी की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फिलहाल अरुणपति त्रिपाठी से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ जारी रहेगी। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के आधार पर नए तथ्य और साक्ष्य सामने आने की संभावना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।