रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर CM विष्णुदेव साय का बड़ा बयान

छग

Update: 2026-07-09 14:25 GMT
Raipur. रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक षड्यंत्र के आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी अपराध से जुड़े व्यक्ति को जांच का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में कई मामलों की जांच चल रही है और जांच के आधार पर गिरफ्तारियां भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि कार्रवाई किसी साजिश का हिस्सा है तो उनके लिए न्यायिक प्रक्रिया के तहत कई रास्ते खुले हैं।



सीएम साय ने कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई अंतिम नहीं होती। जांच एजेंसियां अपने स्तर पर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को आपत्ति है तो वह कानून के तहत अपनी बात रख सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी अपराधी लंबे समय तक कानून से बच नहीं सकता। देर-सबेर कानून के शिकंजे में आना ही पड़ता है। उन्होंने राज्य की पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को मजबूत रखना है।

कोयला लेवी मामले में जांच तेज
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को कोयला लेवी मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां इस मामले में कथित अवैध वसूली और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, कोयला लेवी मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी से जुड़े दस्तावेजों और डायरी में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर कथित लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, बरामद डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन का उल्लेख मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही हैं और दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी। EOW इस मामले में रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका, उनके संपर्कों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और धन का प्रवाह किस तरह हुआ।

अन्य मामलों में भी पूछताछ की तैयारी
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कोयला लेवी मामले के अलावा शराब और धान खरीदी से जुड़े मामलों में भी कुछ बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जा सकती है। एजेंसियां पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ किया कि सरकार जांच प्रक्रिया में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। वहीं, कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी नेताओं और पूर्व सरकार से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस पूरे मामले में अब जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।


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