Dhamtari. धमतरी। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। पुलिस लाइन रूद्री स्थित कम्पोजिट भवन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के थाना-चौकी प्रभारियों, विवेचकों, सीसीटीएनएस ऑपरेटरों और प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को नए कानूनों के व्यवहारिक और विधिक पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला का आयोजन पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में किया गया। इसमें सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) ने मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
नए कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में आर.के. विज ने नवीन आपराधिक कानूनों के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को विवेचना की नई प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीति और न्यायालयीन प्रक्रिया में नए कानूनों के उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते कानूनी परिदृश्य में पुलिस अधिकारियों का विधिक रूप से दक्ष और अपडेट रहना बेहद जरूरी है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य के सही उपयोग से अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलती है।
वैज्ञानिक साक्ष्य और बेहतर विवेचना पर जोर
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है। ऐसे में पुलिस बल को निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास के माध्यम से मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी इस्तेमाल और मजबूत अभियोजन व्यवस्था ही पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने का आधार है। धमतरी पुलिस द्वारा नवीन कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रकरण आधारित उदाहरणों से समझाया गया कानून
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। प्रशिक्षण में प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती, डिजिटल साक्ष्य, विवेचना प्रक्रिया और न्यायालयीन कार्यवाही के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि नए कानूनों के तहत जांच प्रक्रिया में तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का अधिक उपयोग किया जाना है, जिससे अपराध की जांच को मजबूत बनाया जा सके।
250 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण
इस विशेष कार्यशाला में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों के अलावा उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, वरिष्ठ आरक्षक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षकों ने भाग लिया। करीब 250 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और बेहतर अभियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी ली।
पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित जिले के विभिन्न शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए।