Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा ने संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, किरायेदारों, मुसाफिरों और दूसरे राज्यों के फरार आरोपियों का विशेष सत्यापन अभियान चलाने कहा है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जो अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर किसी क्षेत्र में रह रहे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है।
धनबाद के गैंगस्टर मामले के बाद लिया गया फैसला
पुलिस महानिरीक्षक ने यह निर्देश सरगुजा जिले में सामने आए एक मामले के बाद जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार झारखंड के धनबाद निवासी साबीर आलम, जो हत्या के मामले में आरोपी था और जिसे झारखंड हाईकोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था, लंबे समय तक अपनी पहचान छिपाकर अंबिकापुर में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक साबीर आलम वर्ष 2013 से मोमिनपुरा अंबिकापुर में बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में रह रहा था। उस पर धनबाद के चर्चित गैंग से जुड़े लोगों की हत्या का आरोप बताया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने बाहरी लोगों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन को लेकर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
बीट और वार्ड स्तर पर होगी जांच
आईजी दीपक कुमार झा ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए। शहरी क्षेत्रों में थाना क्षेत्र को बीट और वार्ड के अनुसार विभाजित कर पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित बीट प्रभारी अपने क्षेत्र में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों, होटल-ढाबों में काम करने वाले लोगों, ईंट भट्ठों, कारखानों और अन्य संस्थानों में कार्यरत लोगों की जानकारी जुटाएंगे। इसके अलावा घुमंतू, फेरीवाले और बाहर से आने वाले मुसाफिरों का भी सत्यापन किया जाएगा।
मकान मालिकों से मांगी जाएगी किरायेदारों की जानकारी
पुलिस ने मकान मालिकों को भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार मकान किराए पर देने से पहले किरायेदार की पूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराना जरूरी होगा। यदि कोई मकान मालिक किरायेदार की जानकारी देने से इनकार करता है या जानबूझकर लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किरायेदारों के सत्यापन से अपराधियों को छिपने की जगह मिलने पर रोक लगाई जा सकेगी।
निगरानी बदमाशों की भी होगी नियमित जांच
विशेष अभियान के दौरान पुलिस थाना क्षेत्रों में रहने वाले निगरानी बदमाशों, गुंडा सूची में शामिल व्यक्तियों और जिला बदर किए गए लोगों की भी नियमित जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
आम जनता से सहयोग की अपील
पुलिस महानिरीक्षक ने आम नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र, मोहल्ले या वार्ड में कोई संदिग्ध व्यक्ति या अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति रहने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।