महासमुंद में सहकारी सप्ताह के तहत जिला सहकारी विकास समिति की बैठक

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Update: 2026-06-30 14:15 GMT
Mahasamund. महासमुंद। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक मनाए जा रहे सहकारी सप्ताह के तहत महासमुंद में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला सहकारी विकास समिति के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह ने की। इस दौरान सहकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने संबंधित अधिकारियों और समिति के सदस्यों को सहकारी सप्ताह के दौरान निर्धारित सभी गतिविधियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता से जुड़ी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के दौरान किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एफपीओ और पैक्स किसानों को संगठित कर उनकी उपज के बेहतर विपणन, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता और भंडारण सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से किसानों को बाजार से बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाकर किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार कैसे लाया जा सकता है। विशेषज्ञों और समिति के सदस्यों ने कृषि लागत कम करने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और सामूहिक प्रयासों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने कहा कि सहकारिता की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। यदि किसान संगठित होकर कार्य करेंगे तो उन्हें उत्पादन, विपणन और भंडारण जैसी सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। साथ ही सहकारी संस्थाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।
सहकारी सप्ताह के दौरान जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, परिचर्चाएं और सहकारिता से जुड़े आयोजन भी किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य किसानों, सहकारी समितियों और आम नागरिकों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ना है। बैठक में जिला सहकारी विकास समिति के सदस्य, सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सहकारिता के माध्यम से कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
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