इलाज कराने आई महिला को अकेला पाकर की अश्लील हरकत, डॉक्टर को मिली सजा
कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला.
बालोद: बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ताजुद्दीन आसिफ की अदालत ने साइटिका बीमारी का इलाज कराने पहुंची महिला से जांच के दौरान छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाले डॉक्टर हेमशंकर साहू (32) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 में दो साल का सश्रम कारावास से दंडित किया।
इसके अलावा 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 75 में एक साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव के अनुसार घटना 14 अगस्त 2026 की है। महिला साइटिका का इलाज कराने डॉक्टर के पास पहुंची थी। साथ आए व्यक्ति को बाहर भेजने के बाद डॉक्टर ने महिला के साथ अश्लील हरकत की। उसे दूसरे कमरे में ले जाने का प्रयास किया।
एक और मामला
झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज के बहाने महिला से छेड़छाड़
अस्पतालों में महिलाओं संग छेड़छाड़ के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सामने आया है. झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज के बहाने महिला से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश की. महिला के प्राइवेट पार्ट को छुआ और अश्लील हरकत करने लगा.
पूरा मामला जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव का है. वारदात 27 अक्टूबर की है. आरोपी डॉक्टर की पहचान प्रदीप देवांगन के रूप में हुई है. जो रायपुरा गांव में ही अपने घर में एक क्लिनिक चलता है. आरोपी डॉक्टर पर इलाज के बहाने महिला के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश करने का आरोप है. पीड़िता ने बाराद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 27 अक्टूबर की सुबह से ही उसकी तबीयत ठीक नहीं थी. वह लगातार तेज सिर दर्द से परेशान थी. वह इलाज के लिए पति के साथ उसी डॉक्टर के क्लिनिक में गयी. डॉक्टर ने जांच के बहाने पति को बाहर बैठाया. उसने महिला से कहा, गैस के कारण सिरदर्द हो रहा है तो पेट की जांच करनी होगी.
डॉक्टर ने महिला को टेबल पर लेटने को कहा और फिर जांच के बहाने उसका प्राइवेट पार्ट छूने लगा. उसके साथ अश्लील करने लगा. महिला इस हरकत से डर गयी और निकलकर पति को इसकी जानकारी. जिसके बाद दोनों थाने पहुंचे और डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की और 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया गया. जहाँ से उसे जेल भेज दिया है. उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.