रायपुर। इजरायल में होम-केयरगिवर के पदों पर भर्ती के लिए नर्सिंग योग्यताधारी अभ्यर्थियों से घरेलू कार्य कराए जाने, और उनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर राज्यपाल रमेन डेका ने संज्ञान में लिया है, और चिकित्सा शिक्षा विभाग विभाग से रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता के आवेदन के आधार पर राज्यपाल सचिवालय ने मामला चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजा है। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 7 जुलाई को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर आवेदन का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा विभाग को भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. राकेश गुप्ता ने 12 जून को राज्यपाल को भेजे गए आवेदन में कहा था कि इजरायल में होम-केयरगिवर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और अन्य नर्सिंग योग्यताधारी अभ्यर्थियों को पात्र बनाया गया है, जबकि कार्य-दायित्वों में रोगी की देखभाल के साथ खाना बनाना, घर की सफाई, कपड़े धोना, खरीदारी और अन्य घरेलू कार्य भी शामिल हैं। उनका कहना है कि यह नर्सिंग पेशे की गरिमा और पेशेवर पहचान के विपरीत है। आवेदन में उन्होंने प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के संभावित शोषण, देश के नर्सिंग संसाधनों के उपयोग, कार्य की स्पष्टता के अभाव तथा इजरायल की मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा, बीमा, कानूनी संरक्षण, शिकायत निवारण तंत्र और आपातकालीन सहायता व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
डॉ. गुप्ता ने भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कराने, नर्सिंग योग्यताधारी अभ्यर्थियों से घरेलू कार्य कराने संबंधी प्रावधान हटाने, भारतीय नर्सिंग परिषद एवं राज्य नर्सिंग परिषद से परामर्श लेने तथा नर्सिंग पेशे की गरिमा और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।