महादेव सट्टा ऐप केस: कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, ED ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही

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Update: 2026-07-14 18:20 GMT
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंप दिया है। अब ED की टीम आरोपी को रायपुर लेकर आ रही है, जहां बुधवार को उसे स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। ED की ओर से कोर्ट में बताया गया कि विकास गर्ग महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क का अहम हिस्सा है। एजेंसी अब उससे सट्टा ऐप से जुड़े लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग के तरीकों और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। ED कोर्ट से आरोपी की कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है।
तीस हजारी कोर्ट ने दी रायपुर ले जाने की अनुमति
एडिशनल सेशंस जज विजय शंकर ने विकास गर्ग को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मंजूर की है। ED अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को रायपुर लाकर मामले की आगे की जांच की जाएगी। विकास गर्ग की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इससे पहले ED ने विकास गर्ग से जुड़ी करीब 940 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की थीं।
940 करोड़ की संपत्ति जब्ती का दावा
ED की जांच में सामने आया कि कथित तौर पर सट्टेबाजी से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से वैध दिखाने का प्रयास किया गया। एजेंसी के अनुसार, करीब 940.77 करोड़ रुपए अपराध से अर्जित आय के रूप में विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि इन पैसों का इस्तेमाल शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। ED का कहना है कि फर्जी कंपनियों और कई स्तरों के वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
विदेश से चलता था बेटिंग सिंडिकेट
ED ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज FIR, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल नेटवर्क’ के जरिए चलाया जा रहा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से हर महीने करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार किया जा रहा था। ED के अनुसार, सट्टेबाजी के लिए बनाए गए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी मात्रा में रकम का लेनदेन किया गया और हवाला नेटवर्क समेत अन्य माध्यमों से पैसे को इधर-उधर भेजा गया।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कार्रवाई
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जांच और तेज हो गई है। कुछ दिन पहले चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उस पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश में प्रवेश करने का आरोप है। सौरभ चंद्राकर लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। ED और अन्य जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही हैं।
अब तक करीब 3800 करोड़ की संपत्ति अटैच
ED ने बताया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में अब तक कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। एजेंसी ने इस मामले में पहले भी संपत्तियां कुर्क, जब्त और फ्रीज की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इससे पहले करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी थीं। नई कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 3,800 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
कई आरोपियों और कंपनियों की भूमिका की जांच जारी
ED ने इस मामले में कई अभियोजन शिकायतें रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में दाखिल की हैं। अदालत भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में संज्ञान ले चुकी है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, कंपनियों और वित्तीय लेनदेन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विकास गर्ग से पूछताछ के बाद इस मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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