Dantewada. दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादियों की सटीक निशानदेही पर चलाए गए संयुक्त सर्च अभियान में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का एक बड़ा डंप बरामद किया। इस डंप से 116 ग्राम का सोने का बिस्किट, 2 लाख रुपये नकद, आधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और बड़ी मात्रा में नक्सली उपयोग की सामग्री जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मसमर्पण नीति की प्रभावशीलता और नक्सल संगठन की कमजोर होती पकड़ का प्रमाण है।
पुलिस के अनुसार हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों ने नक्सलियों के छिपाए गए डंप की सटीक जानकारी दी थी। इस सूचना के आधार पर 12 जुलाई को दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने थाना बारसूर क्षेत्र के ग्राम तोड़मा के जंगल-पहाड़ी इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया। लंबे समय तक तलाशी लेने के बाद टीम को जमीन में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप मिला, जिसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने 116 ग्राम वजन का सोने का बिस्किट बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 2 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि यह रकम और सोना नक्सली संगठन की गतिविधियों, हथियारों की खरीद तथा अन्य संचालन संबंधी जरूरतों के लिए सुरक्षित रखे गए थे। डंप से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ। इनमें इंसास राइफल, एके-47 और एसएलआर की मैग्जीन, कारतूस, 12 बोर बंदूकें, बीजीएल लांचर तथा रिवाल्वर शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने टिफिन बम, पाइप बम, तीर बम, हैंड ग्रेनेड, मोर्टार, डेटोनेटर, जिलेटिन, कोडेक्स वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। बम निरोधक विशेषज्ञों की मौजूदगी में इन विस्फोटकों को सुरक्षित कब्जे में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान नक्सलियों की वर्दियां, दवाइयां, बर्तन, कुकर तथा बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य भी मिला। बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री का परीक्षण किया जा रहा है ताकि संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों के बारे में अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों के सहयोग से सुरक्षा बलों को लगातार महत्वपूर्ण सफलताएं मिल रही हैं। पूर्व नक्सलियों की ओर से दी जा रही सूचनाओं के आधार पर संगठन के ठिकानों, हथियारों के भंडार और आर्थिक संसाधनों तक पहुंच आसान हुई है। इससे नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने में बड़ी मदद मिल रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर संभाग में लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों, विकास कार्यों और पुनर्वास योजनाओं के चलते बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अन्य सक्रिय माओवादी भी हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री की तकनीकी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इनका इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया था और संगठन के किन सदस्यों का इस डंप से संबंध था। मामले में आगे की जांच जारी है और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान भी तेज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूत किया जा सके।