NDPS एक्ट के 38 मामलों में जब्त मादक पदार्थ नष्ट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट के 38 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का विधिसम्मत नष्टीकरण किया। यह कार्रवाई जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की मौजूदगी में जैसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पावर प्लांट-1 स्थित ब्लास्ट फर्नेस में पूरी की गई। लगातार दूसरे महीने बड़े स्तर पर जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की यह कार्रवाई की गई है। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस) के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। नष्टीकरण प्रक्रिया की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता (आईपीएस) ने की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल और जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
पुलिस के अनुसार, मध्य जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज 38 मामलों में जब्त मादक पदार्थों का वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नष्टीकरण किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 14 प्रकरणों से जब्त 113.589 किलोग्राम गांजा, 9 मामलों की 11,516 नशीली कैप्सूल और टैबलेट, एक मामले की 2.006 किलोग्राम अफीम, 13 मामलों की 22,425 नशीली कफ सिरप की बोतलें तथा एक मामले का 2.430 किलोग्राम डोडा शामिल था। पुलिस ने बताया कि नष्टीकरण से पहले पर्यावरण संबंधी सभी आवश्यक स्वीकृतियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पूरी प्रक्रिया सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। इसके साथ ही कार्रवाई का आवश्यक दस्तावेजीकरण और वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। रायपुर पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशे के खिलाफ अपनाई गई बहुआयामी रणनीति का हिस्सा है।
पुलिस एक ओर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और परिवहन में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर आदतन तस्करों पर पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई और वित्तीय जांच के जरिए उनके आर्थिक नेटवर्क को भी निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध और विधिसम्मत नष्टीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे इनके दोबारा अवैध उपयोग या दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो सके। इससे नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 मई 2026 को भी सेंट्रल जोन ने एनडीपीएस एक्ट के 97 मामलों में जब्त करीब 5.65 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विधिवत नष्टीकरण किया था। लगातार दूसरे महीने हुई इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ उनके आर्थिक तंत्र पर भी लगातार प्रहार किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की पूरी श्रृंखला को खत्म करना और "नशामुक्त रायपुर" के लक्ष्य को हासिल करना है।