CG BREAKING: बिहार से चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 2 सट्टेबाज गिरफ्तार
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जनता से रिश्ता की खबर का असर, हमारी खबर सच निकली
दुर्ग में चल रहे ऑनलाइन सट्टे के गिरोह का जनता से रिश्ता ने किया था खुलासा
हमारी खबर पर लगी मुहर, बिहार से संचालित सट्टा नेटवर्क पकड़ा गया
हमारी खबर निकली सच, 5 करोड़ महीने का सट्टा नेटवर्क उजागर
करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर चला पुलिस का डंडा
दुर्ग के ऑनलाइन सट्टा कारोबार का खुलासा सही साबित हुआ
करोड़ों के डिजिटल सट्टा नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी सफलता
Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना खुर्सीपार पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से संचालित एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये तथा प्रतिमाह लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का अवैध वित्तीय लेन-देन कर रहा था। मामले में जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच जारी है। इस पूरे मामलें में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा होना अभी भी बाकी है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 के तहत की गई। मामले की विवेचना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3), 318(4), 319 तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के अंतर्गत की जा रही है। इस प्रकरण में पहले भी ऑनलाइन सट्टा और म्यूल बैंक खातों से जुड़े कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। उनके मोबाइल डेटा, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के विश्लेषण के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा, डिजिटल ट्रेल और गोपनीय सूचना के आधार पर एक विशेष पुलिस टीम गठित कर बिहार के पटना भेजा गया। लगातार तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर सूचना एकत्र करने के बाद पुलिस टीम ने पटना स्थित नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में छापेमारी की। यहां किराये के मकान से ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आफताब अहमद (24 वर्ष) निवासी अहमदनगर कैंप-2, भिलाई और दानिश खान (24 वर्ष) निवासी कैंप-1, भिलाई को गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ और प्रारंभिक तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी किराये के मकान में रहकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ते थे। गिरोह विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग सहित अन्य गेमिंग एप्लिकेशन पर आईडी उपलब्ध कराता था। इसके माध्यम से लोगों से दांव लगवाए जाते थे और हार-जीत की राशि का लेन-देन नेट बैंकिंग, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार बैंक खाते बदलते रहते थे ताकि वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके और जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह प्रतिदिन लगभग 12 से 15 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था। मासिक स्तर पर यह अवैध कारोबार 4 से 5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता था। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल बिहार और छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन, बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों की पहचान की जा सके।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में उपयोग की जाने वाली अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सामग्री जब्त की है। इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, म्यूल बैंक खातों के संचालकों और आर्थिक लाभ लेने वाले लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और अंतरराज्यीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना खुर्सीपार की विवेचना टीम और साइबर तकनीकी सहयोगी टीम ने लगातार निगरानी रखकर आरोपियों की पहचान की और बिहार में सफल कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा, साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा, अवैध बेटिंग या साइबर अपराध का हिस्सा न बनें। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर या सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। यदि किसी को ऑनलाइन सट्टा, साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।