अम्बिकापुर। केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में सात साल की सजा काट रहे कैदी की उस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई, जब रिहा हुए महज दो घंटे ही हुआ था। इधर, पिता के जेल से रिहा होने की सूचना पर बेटी खुशी के साथ पिता को लेने आई थी लेकिन बेटी को कहां मालूम था कि पिता को सकुशल ले जाने के बजाए शव को लेकर घर जाएगी। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
जानकारी के अनुसार, शहर से लगे ग्राम खलिबा निवासी श्याम जतन साय आ. स्व. सोन साय कोरवा (66 वर्ष) 7 साल पूर्व पत्नी की हत्या के मामले में उसे सात साल की सजा सुनाई गई। न्यायालय से सजा सुनाने के बाद श्याम जतन केन्द्रीय जेल में पत्नी की हत्या में मामले में सजा काट रहा था। केन्द्रीय जेल में सात साल की सजा पूरा होने पर जेल प्रशासन द्वारा कैदी की सजा पूरी हो जाने तथा 24 जुलाई को दिन 12.30 बजे जेल से छूटने की सूचना कैदी के परिजन को दी। इसी बीच 23 जुलाई को अचानक कैदी श्याम जतन को दस्त होना शुरू हुआ तो जेल प्रहरियों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। इधर जेल से पिता के छूटने पर बेटी सानिया पिता को लेने जेल पहुंची जहां पता चला कि श्याम जतन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। दिन लगभग 12 बजे बेटी सानिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची।
जेल के कर्मचारियों ने कैदी की सजा पूरा होने तथा 12.30 रिहाई का समय निर्धारित होने पर बेटी सानिया को उसके पिता को उसके सुपुर्द करने तथा उपचार के बाद घर ले जाने की बात कहकर चले गए। जेल के कर्मचारियों के जाने के लगभग दो घंटे बाद ही श्याम जतन की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम करने के पश्चात शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन के सुपुर्द किया है। बेटी सानिया पीएम के पश्चात पिता के शव को लेकर घर चली गई।