NH-43 के गड्ढों में भरे गंदे पानी से नहाकर प्रदर्शन, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
छग
Ambikapur अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नेशनल हाईवे-43 की बदहाल स्थिति को लेकर रविवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। रायगढ़ रोड स्थित भारत माता चौक के पास सड़क पर बने बड़े गड्ढों में जमा गंदे पानी से कार्यकर्ताओं ने नहाकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान सांसद और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई। नेशनल हाईवे-43 पर भारत माता चौक से दरिमा रोड तक सड़क की हालत खराब बताई जा रही है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और बारिश के कारण इनमें पानी भर गया है। वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजाना आवागमन में परेशानी हो रही है।
सड़क की बदहाली का मामला पहले भी सामने आया था। सांसद चिंतामणी महाराज ने सड़क की स्थिति का वीडियो साझा करते हुए कलेक्टर और नेशनल हाईवे विभाग के कार्यपालन अभियंता से चर्चा की थी। इसके बाद प्रशासन और विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण भी किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद गड्ढों को भरकर सड़क को तत्काल आवागमन योग्य बनाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश बुनकर, राजेंद्र बहादुर सिंह और अंकुर सिन्हा समेत अन्य लोग विरोध करने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने गड्ढों में जमा गंदे पानी से नहाकर सड़क की स्थिति की ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारे भी लगाए गए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण हाईवे की स्थिति और खराब हो गई है। कई हिस्सों में सड़क से ज्यादा गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश होने के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया और छोटे वाहन चालकों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। बताया गया कि अंबिकापुर के खरसिया नाका से लुचकी घाट तक करीब सात महीने पहले डामरीकरण कराया गया था, लेकिन बारिश शुरू होने के बाद सड़क दोबारा खराब हो गई। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
नेशनल हाईवे के कार्यपालन अभियंता आरडी ताम्रे के मुताबिक लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक और रेलवे स्टेशन तक सड़क को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने का काम स्वीकृत हो चुका है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है और बारिश के बाद निर्माण कार्य किए जाने की बात कही गई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने भी सड़क का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि नए निर्माण से पहले गड्ढों को तत्काल भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि राहगीरों को परेशानी और दुर्घटना के खतरे से राहत मिल सके।