फरार वारंटियों पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा, ऑपरेशन क्लीन हंट में 15 गिरफ्तार
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फरार स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में 24 अक्टूबर 2026 को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 15 फरार स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की धरपकड़ की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया था।
चक्रधरनगर में सबसे ज्यादा पांच वारंटी पकड़े
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान थाना चक्रधरनगर की टीम ने पांच स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया। वहीं, थाना खरसिया की टीम ने तीन और थाना पूंजीपथरा की टीम ने दो वारंटियों को पकड़ा। इसके अलावा कापू, कोतरारोड, धरमजयगढ़ और पुसौर थानों के साथ चौकी खरसिया की टीम ने एक-एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया। इस तरह अलग-अलग थाना क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई करते हुए कुल 15 वारंटियों को पकड़ा गया। पुलिस ने फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। लंबे समय से फरार चल रहे लोगों की तलाश और न्यायालय से जारी स्थायी वारंटों की तामिली को अभियान का प्रमुख उद्देश्य बनाया गया है।
एसएसपी के निर्देशन में बनाई गई विशेष रणनीति
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) पुष्पेंद्र बघेल और जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबे समय से फरार स्थायी वारंटियों की सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान की निगरानी पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी की जा रही है। पुलिस की ओर से वारंटियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए चरणबद्ध योजना अपनाई जा रही है। इसके तहत पहले संबंधित थाना क्षेत्र में फरार आरोपितों की तलाश की जाती है। इसके बाद जिले के दूसरे थाना क्षेत्रों, राज्य के अन्य हिस्सों और जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर तक उनकी तलाश का दायरा बढ़ाया जाता है। पुलिस ने मृत और जेल में निरुद्ध वारंटियों के मामलों में नियमानुसार तामिली प्रक्रिया अपनाने की भी जानकारी दी है।
विभिन्न थाना क्षेत्रों से हुई गिरफ्तारियां
गिरफ्तार किए गए लोगों में विकास यादव, लोकनाथ उर्फ विक्की तिवारी, अशोक राठिया उर्फ ननकी, अनिल नट, जनक राम खुटे, सुरेश दास, किरण साहू, राजा सोनी, बलदेव दास महंत, बंधन राम मांझी, गोविन्दा दिवाकर, छोटेलाल यादव उर्फ भड्डू, बिमला देवी महंत और सुरेश कुमार पटेल शामिल हैं। इनके अलावा धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय किशोर को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए वारंटी रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र से भी संबंधित हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से हुई इन गिरफ्तारियों के जरिए पुलिस ने स्थायी वारंटों के निष्पादन की दिशा में कार्रवाई की है।
फरार वारंटियों की तलाश आगे भी रहेगी जारी
रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाया जा रहा अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में विशेष टीमें सक्रिय रहकर जिले के भीतर और बाहर फरार वारंटियों की तलाश करेंगी। पुलिस का जोर न्यायालय से जारी वारंटों की तामिली सुनिश्चित करने और लंबित मामलों में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि न्यायालयीन आदेशों के पालन को गंभीरता से लिया जा रहा है। अभियान के अगले चरणों में भी फरार वारंटियों की पहचान, तलाश और गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में फरार स्थायी वारंटियों के खिलाफ अभियान को गति मिली है। अब आगे की कार्रवाई में अन्य लंबित वारंटों की तामिली और फरार लोगों की गिरफ्तारी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।