Jagdalpur. जगदलपुर। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत के साथ ही जगदलपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं को देखने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वहीं बस्तर संभाग के सातों जिलों से ग्रामीण भी पारंपरिक रस्मों में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंच रहे हैं। पर्व के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 400 पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव कम होने के बाद इस बार दशहरा पर्व को लेकर पर्यटकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से पर्यटकों के पहुंचने के कारण शहर के प्रमुख मार्गों, आयोजन स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दशहरा पर्व के समापन तक सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।

24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे पुलिस जवान
बस्तर दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत करीब 400 जवानों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें काम करेंगी। प्रमुख आयोजन स्थलों के साथ शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पुलिस बल मौजूद रहेगा। इसके अलावा शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों और पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य पर्व के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

15 से अधिक फिक्स पॉइंट, 100 से ज्यादा जवानों की ड्यूटी
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के अनुसार, जगदलपुर शहर के प्रमुख स्थानों के साथ ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायपुर की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इन मार्गों पर 15 से अधिक फिक्स पॉइंट बनाए गए हैं, जहां 100 से ज्यादा पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इन स्थानों पर पुलिसकर्मी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे। दशहरा पर्व के दौरान शहर में आने-जाने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। पुलिसकर्मी पर्व के समापन तक निर्धारित स्थानों पर तैनात रहेंगे।

पारंपरिक रस्मों के आयोजन स्थलों पर विशेष निगरानी
बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परंपराओं और धार्मिक रस्मों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। इस पर्व के दौरान 12 से अधिक पारंपरिक रस्में निभाई जाती हैं। इन रस्मों में शामिल होने के लिए बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ग्रामीण जगदलपुर पहुंचते हैं। इन आयोजनों को देखने के लिए दूसरे राज्यों से भी पर्यटक आते हैं। ऐसे में प्रमुख रस्मों वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस ने आयोजन स्थलों पर जवानों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की है। कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

पर्यटकों की मदद के लिए पुलिस सहायता केंद्र
दशहरा पर्व में शामिल होने आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शहर के कई स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मुताबिक, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जाएगी जवानों की संख्या
इस वर्ष बस्तर दशहरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मौजूदा सुरक्षा इंतजामों के अलावा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। पुलिस का मुख्य फोकस भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आयोजन स्थलों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना है। पर्व के समापन तक पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
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