Raipur. रायपुर। बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए रायपुर यातायात पुलिस ने स्कूलों के बाहर विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के यातायात विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नाबालिगों के वाहन चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में पिछले 6 दिनों के भीतर कुल 209 वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
यातायात पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में 142 नाबालिग वाहन चालक और 67 स्कूली ऑटो शामिल हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बच्चों और अभिभावकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देना उनके जीवन के साथ जोखिम उठाना है और यह कानूनन अपराध भी है। अभियान शुरू करने से पहले यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न शासकीय और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक आयोजित की थी। बैठक में स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी नाबालिग छात्र-छात्रा को दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आने की अनुमति न दी जाए। साथ ही स्कूलों को यह भी कहा गया कि वे अभिभावकों को लिखित और मौखिक रूप से इस संबंध में जानकारी दें।
पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाए और उन्हें बताया जाए कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना गंभीर अपराध है। इसके अलावा अभिभावकों को भी समझाइश दी जा रही है कि वे अपने बच्चों को वाहन देकर उनकी सुरक्षा को खतरे में न डालें। यातायात पुलिस द्वारा स्कूलों के बाहर नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नाबालिग वाहन चालकों को रोककर उनके वाहनों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहनों को जब्त किया जा रहा है और संबंधित वाहन मालिकों तथा अभिभावकों को यातायात कार्यालय बुलाकर कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोटरयान अधिनियम के तहत नाबालिग को वाहन चलाने देना भी दंडनीय अपराध है। यदि भविष्य में दोबारा ऐसा मामला सामने आता है तो वाहन मालिक और अभिभावकों के खिलाफ भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस विशेष अभियान के दौरान स्कूल बसों और स्कूल ऑटो की भी जांच की जा रही है। यातायात पुलिस ने स्कूली वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र, सुरक्षा मानकों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। इसके साथ ही स्कूल बस चालकों और परिचालकों का नेत्र परीक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी की जिम्मेदारी तय है। बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को मिलकर सहयोग करना होगा। उन्होंने अपील की कि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या अन्य मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। स्कूलों के आसपास नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य शहर में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाना और स्कूली बच्चों के आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित करना है। रायपुर यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जिम्मेदारी निभाएं। पुलिस का कहना है कि जनसहभागिता के बिना सड़क सुरक्षा अभियान को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता।