रायपुर में जमीन विवाद को लेकर हंगामा, 15 लोगों पर FIR दर्ज

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Update: 2026-07-18 17:54 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के अमलीडीह क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर जबरन प्रवेश और धमकी देने का मामला सामने आया है। राम राजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के सिविल इंजीनियर ने कुछ लोगों पर जेसीबी और अन्य मशीनों के साथ यार्ड में घुसकर सामान हटाने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता राम राजा हाउस, वीआईपी रोड
अमलीडीह रायपुर
में रहता है और राम राजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। उसने बताया कि 15 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे वह राम राजा हाउस के यार्ड में रखी सड़क निर्माण से जुड़ी मशीनों को देखने गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यार्ड में पहले से निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली कई मशीनें और वाहन रखे हुए थे। इनमें तीन ट्रैक्टर, दो पानी टैंकर, एक रोलर मशीन, एक ट्रैक्टर ट्रॉली, पेवर मशीन, कंप्रेशन मशीन सहित अन्य सामान शामिल थे। यह परिसर चारों तरफ से बाउंड्रीवाल से घिरा हुआ था और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान आयुष जैन, सुधीर चांवला और उनके साथ आए अन्य लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। उनके साथ एक जेसीबी और दो हाइड्रा मशीनें भी थीं। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने मुख्य द्वार का ताला जबरदस्ती तोड़ दिया और जेसीबी के माध्यम से परिसर के अंदर प्रवेश कर गए।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपियों ने यार्ड में रखे सामान और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपियों से कहा कि जमीन संबंधी कोई भी विवाद है तो मालिक जयेन्द्र सिंह भंडारी के आने के बाद बातचीत की जा सकती है। लेकिन आरोप है कि इस बात पर आयुष जैन और सुधीर चांवला ने कहा कि उनका सेठ कौन होता है और वे आज जमीन खाली कराकर ही जाएंगे। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों के साथ करीब 10 से 15 अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर परिसर में रखे ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य सामान को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर सड़क किनारे खड़ा कर दिया। पीड़ित ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों में से वह केवल आयुष जैन और सुधीर चांवला को पहचानता है। शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपी बार-बार यह कह रहे थे कि वे कुबेर राठी के आदमी हैं और जमीन खाली कराने के लिए भेजे गए हैं।
घटना के बाद सिविल इंजीनियर ने पूरी जानकारी अपने मालिक जयेन्द्र सिंह भंडारी को दी। इसके बाद मालिक के कहने पर उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, घटना के समय सिक्योरिटी गार्ड विजय वर्मा, अलताफ, अनिल पांडेय और सोनू सिंह भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने पूरी घटना देखी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की भूमिका, जमीन विवाद से
जुड़े दस्तावेज
और मौके पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। राजधानी में जमीन विवाद को लेकर इस तरह के मामलों को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें और मामले को कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाएं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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