Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में रात्रि ड्यूटी के दौरान एक स्वास्थ्य कर्मचारी के कथित रूप से नशे की हालत में होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है, वहीं उसके निलंबन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना जिला चिकित्सालय की रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान की बताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज के परिजन ने कथित रूप से ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उसका वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और जिम्मेदार अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि वीडियो में कर्मचारी नशे की हालत में दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा ने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना बीती रात की है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उसके निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जो सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
डॉ. वर्मा ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। यदि जांच में कर्मचारी के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं, इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजेश अवस्थी ने कहा कि घटना जिला चिकित्सालय से संबंधित है और सिविल सर्जन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में यह सामने आता है कि संबंधित कर्मचारी आदतन शराब के नशे में ड्यूटी करता है या सेवा नियमों का लगातार उल्लंघन करता रहा है, तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
घटना के बाद अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर यदि ड्यूटी के दौरान कर्मचारी नशे की हालत में मिले तो इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या सेवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। फिलहाल वायरल वीडियो की जांच जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।