भरूच में रिएक्टर विस्फोट से बड़ा हादसा, चार मृत और दो घायल
गुजरात की फार्मा कंपनी में घातक धमाका
भरूच: गुजरात के भरूच जिले में एक फार्मा कंपनी के रिएक्टर में विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया। वागरा तालुका के सायखा जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इकाई में शुक्रवार देर रात धमाका हुआ। उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार, हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है और छह अन्य घायल हुए हैं। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश गामित के हवाले से यह संख्या सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
हादसा सिनजील फार्माकेम की इकाई में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संयंत्र में हाइड्रोजिनेशन प्रक्रिया चल रही थी, तभी रिएक्टर में विस्फोट हो गया। जिस रिएक्टर में धमाका हुआ, उसकी क्षमता लगभग 15 किलोलीटर यानी 15 हजार लीटर बताई गई है। विस्फोट से इकाई के भीतर मशीनरी और ढांचे को नुकसान पहुंचा। हालांकि, नुकसान का विस्तृत आकलन और दुर्घटना की तकनीकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
धमाके के बाद संयंत्र और आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर आपातकालीन टीमें, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की गई और घायलों को अस्पताल भेजा गया। शुरुआती सूचनाओं में मृतकों तथा घायलों की संख्या कम बताई गई थी। बाद में सामने आए विवरण में पांच श्रमिकों की मौत और छह के घायल होने की जानकारी दी गई।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक बताई गई कि कारखाने की मशीनरी के हिस्से और धातु के टुकड़े बिखर गए। स्थानीय विवरणों के अनुसार, धमाके की आवाज आसपास के गांवों तक सुनाई दी और लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ रिपोर्टों में इसकी आवाज लगभग 15 किलोमीटर दूर तक सुनाई देने का उल्लेख है। कंपनी के शेड और उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद मिथाइलीन डाइक्लोराइड यानी एमडीसी के रिसाव की भी जानकारी मिली है। इससे कारखाने और आसपास धुंध जैसी स्थिति बनने की बात कही गई है। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आंखों में जलन की शिकायत की। हालांकि, रिसाव की मात्रा, उसके फैलाव और आसपास के क्षेत्र पर प्रभाव का पूरा आधिकारिक आकलन उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रभावित क्षेत्र की सीमा या गैस की स्थिति को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मृतकों के शव भरूच के सिविल अस्पताल पहुंचाए गए हैं। सामने आए विवरण में चार मृतकों की पहचान जयदीप पटेल, अनिकेत कुमार, अर्जुन राम सिंह और वृंद तलाविया के रूप में बताई गई है। एक अन्य मृतक की पहचान की पुष्टि बाकी होने की जानकारी दी गई है। घायलों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। सभी घायलों की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति का एक समान, विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
विस्फोट की जांच के लिए गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की टीमें भी जुटी हैं। जांच में दुर्घटना की परिस्थितियों और संयंत्र में अपनाए गए सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल यह स्थापित नहीं हुआ है कि विस्फोट किसी तकनीकी खराबी, प्रक्रिया में गड़बड़ी या दबाव में अचानक बदलाव के कारण हुआ। इन संभावनाओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि हाइड्रोजिनेशन प्रक्रिया के दौरान दुर्घटना होने की जानकारी और विस्फोट का वास्तविक कारण दो अलग तथ्य हैं। प्रक्रिया का नाम सामने आने भर से किसी खास उपकरण की खराबी या किसी व्यक्ति की लापरवाही साबित नहीं होती। अधिकारियों की तकनीकी जांच से ही यह तय हो सकेगा कि रिएक्टर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा संबंधी कोई कमी इसका कारण बनी।
इस हादसे में पांच श्रमिकों की जान जाने से औद्योगिक इकाई की सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित इकाई को शुरू हुए लगभग एक वर्ष हुआ था। अब राहत कार्य, घायलों के उपचार और तकनीकी पड़ताल से मिलने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने संबंधी अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।