गांधीनगर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हिस्सा लिया और दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने केवल कार्यक्रम का शुभारंभ ही नहीं किया, बल्कि स्वयं भी दौड़ में शामिल होकर लोगों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर सरदार पटेल के योगदान को याद किया।राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देना था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सरदार पटेल ने देश की विभिन्न रियासतों को एकजुट करने में निर्णायक भूमिका निभाई और मजबूत भारत की नींव रखने में योगदान दिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की भागीदारी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। दौड़ के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना दिखाई दी। आयोजन के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद देश के नागरिक एक साझा राष्ट्रीय पहचान से जुड़े हुए हैं।सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की आजादी के बाद प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत के सामने अनेक राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियां थीं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण चुनौती देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण करना था। सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और प्रशासनिक क्षमता के माध्यम से इस कार्य को आगे बढ़ाया।
देश की लगभग 565 रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी योगदान के कारण उन्हें 'भारत का लौह पुरुष' कहा जाता है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके इसी ऐतिहासिक योगदान को विशेष रूप से याद किया जाता है। गुजरात में आयोजित रन फॉर यूनिटी भी उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय एकता के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रीय एकता केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। देश की प्रगति के लिए आपसी सहयोग, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है।
इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। विद्यार्थियों और युवा प्रतिभागियों ने दौड़ में शामिल होकर शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। रन फॉर यूनिटी जैसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, सहयोग, टीम भावना और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना भी है।राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। केंद्र सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसके बाद से हर वर्ष 31 अक्टूबर को देशभर में रन फॉर यूनिटी, एकता शपथ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया जाता है।गुजरात का सरदार पटेल से विशेष ऐतिहासिक संबंध रहा है। उनकी जन्मभूमि होने के कारण राज्य में उनकी जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नर्मदा जिले के एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी उनके योगदान का प्रमुख प्रतीक है। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में प्रसिद्ध यह स्मारक सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान की याद दिलाता है। यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।
गुजरात में आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम ने राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को एक बार फिर सामने रखा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।इस अवसर पर सरदार पटेल के विचारों और आदर्शों को याद करते हुए सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण माहौल यह दर्शाता है कि सरदार पटेल की विरासत आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।राष्ट्रीय एकता दिवस पर गुजरात में आयोजित इस दौड़ का मुख्य संदेश यही रहा कि देश की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। सरदार पटेल ने जिस एकजुट भारत की कल्पना की थी, उसे मजबूत बनाने के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति और दौड़ में भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।