देश में मेट्रो विस्तार को रफ्तार, 26 शहरों में 1159 KM नेटवर्क पर काम जारी
नई दिल्ली। देश में शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई बड़े शहरों में मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में भी बढ़ोतरी की है। वर्तमान में देश के 26 शहरों में करीब 1,159 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
हरियाणा के गुरुग्राम में चल रही मेट्रो विस्तार परियोजना को लेकर भी केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने जून 2026 तक 3.3 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर ली है। यह जानकारी केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में हरियाणा से भाजपा सांसद संजय भाटिया के सवाल के जवाब में दी।
सांसद संजय भाटिया ने गुरुग्राम समेत हरियाणा में मेट्रो विस्तार योजनाओं की स्थिति और प्रगति को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि गुरुग्राम में मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेसवे तक जाने वाली 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। इस परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और जून 2026 तक इसमें 3.3 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
सरकार का कहना है कि गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉरपोरेट और आईटी हब में शामिल है, जहां हर दिन लाखों लोग आवाजाही करते हैं। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम होने के साथ-साथ लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि मेट्रो परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। वर्ष 2023-24 में मेट्रो परियोजनाओं के लिए 23,102.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। वहीं वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में इसे बढ़ाकर 30,942.05 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि बड़े शहरों में बढ़ती आबादी और यातायात की समस्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों को मजबूत किया जाए।
देश में मेट्रो रेल नेटवर्क पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और जयपुर जैसे शहरों में मेट्रो सेवाएं पहले से संचालित हैं, जबकि कई नए शहरों में निर्माण कार्य चल रहा है। केंद्र सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक शहरों को मेट्रो और आरआरटीएस नेटवर्क से जोड़ा जाए।
गुरुग्राम परियोजना को लेकर सरकार का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों के बढ़ने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में चल रही मेट्रो परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। बजट बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहरों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शहरों में लोगों की आवाजाही आसान होगी। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में मेट्रो परियोजना भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।