मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वन्यजीव विभाग को हिमाचल प्रदेश में बंदरों की आबादी का पंचायत-वार डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने 'स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ' (राज्य वन्यजीव बोर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। इस बैठक में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे, सड़कों को चौड़ा करने और अन्य परियोजनाओं के लिए वन भूमि के उपयोग (डायवर्जन) से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बोर्ड ने लाहौल-स्पीति जिले के स्पीति उपमंडल में मुहाल लालुंग और धार चोकूला में ITBP (रेकॉन्ग पियो) की 17वीं बटालियन के लिए एक बॉर्डर आउटपोस्ट (सीमा चौकी) बनाने हेतु 1.78 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग को मंजूरी दी। इसके अलावा, कुल्लू के बाबेली कैंप में स्थित ITBP की दूसरी बटालियन के लिए किन्नौर जिले के निथल थाच में एक 'फॉरवर्ड पोस्ट' (अग्रिम चौकी) बनाने हेतु 1.60 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग को भी मंजूरी दी गई।
एक अन्य प्रस्ताव के तहत, किन्नौर जिले की सांगला तहसील में नागास्ती के पास उत्तरी सीमा पर सैन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 'राक्षम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य' में वन भूमि के उपयोग को मंजूरी दी गई।
बोर्ड ने मंडी जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेराज डिवीजन द्वारा 'भुलाह-शिकारी देवी' सड़क को चौड़ा करने और अपग्रेड करने के लिए 'शिकारी देवी वन्यजीव अभयारण्य' में 4.72 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग को भी मंजूरी दी। साथ ही, बोर्ड ने कांगड़ा जिले के संसारपुर टेरेस औद्योगिक क्षेत्र (फेज-1) में प्लॉट नंबर 53 और 54 पर 'CMG बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा 'एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट' (API) और इंटरमीडिएट्स निर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
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