शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपने ही विभाग में तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। शिमला पुलिस ने चंबा में तैनात कॉन्स्टेबल अजय कुमार को कोर्ट के गैर-जमानती वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी कॉन्स्टेबल वर्ष 2018 से दर्ज एक मामले में न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था, जिसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
शिमला पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंबा बाजार से गिरफ्तार किया और बाद में उसे शिमला लाकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अदालत की कार्रवाई से बच रहा था। इस मामले में पहले भी उसे वारंट की तामील के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका था, लेकिन दोबारा अदालत में अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अजय कुमार मूल रूप से चंबा जिले के भटियात क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 29 वर्ष बताई जा रही है। उसके खिलाफ वर्ष 2018 में शिमला सदर थाना में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 457 और 511 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले का चालान न्यायालय में पेश किया गया था और यह प्रकरण अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को कई बार अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह निर्धारित तारीखों पर न्यायालय में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पहले भी वारंट के आधार पर गिरफ्तार होकर अदालत में पेश किया गया था, लेकिन बाद में फिर से अनुपस्थित रहने लगा।
शिमला पुलिस थाना सदर की टीम ने कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए रविवार को चंबा बाजार में दबिश दी और आरोपी कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे नियमानुसार शिमला लाया गया। सोमवार को उसे शिमला स्थित कोर्ट नंबर-3 में पेश किया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी वर्तमान में चंबा पुलिस लाइन में आरक्षी के पद पर तैनात था। पुलिस विभाग में कार्यरत होने के बावजूद न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को अदालत के आदेशों की अवहेलना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना सभी के लिए अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।