हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिले में भारी बारिश के कारण एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है। मटौर-शिमला फोरलेन पर रियुंद पुल के पास बनी करीब एक किलोमीटर लंबी झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है और पानी की निकासी के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण रियुंद खड्ड में पानी का बहाव बढ़ गया। इसके चलते पुल के पास बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया और देखते ही देखते यहां करीब एक किलोमीटर लंबी झील बन गई। जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं की गई तो आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में प्रशासन ने इस क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी है। एसडीएम डॉ. अंजलि गर्ग ने कुछ दिन पहले मौके का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को दोबारा जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम ने कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा। इसके साथ ही मटौर-शिमला फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। प्रशासन ने कंपनी को तुरंत पानी की निकासी का इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
फोरलेन निर्माण कंपनी ने स्थिति को देखते हुए रियुंद खड्ड के पास मशीनरी लगाकर पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी की ओर से पहले चरण में एक तरफ से पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। इसके बाद खड्ड में जमा मिट्टी को हटाने की योजना बनाई गई है। प्रशासनिक टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी है।
एसडीएम डॉ. अंजलि गर्ग ने बताया कि पुल के पास बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया है। फोरलेन कंपनी द्वारा मशीनों की मदद से मिट्टी हटाकर पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर लगातार बारिश के कारण पानी का स्तर और बढ़ता है या किसी स्थान से पानी का रिसाव शुरू होता है तो आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रियुंद पुल के पास जमा पानी करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में फैल चुका है। यह पानी बनेर खड्ड से जुड़े इलाकों के लिए खतरा बन सकता है। लोगों का कहना है कि यदि पानी का दबाव बढ़ा तो आसपास के गांवों और क्षेत्रों में तबाही की स्थिति पैदा हो सकती है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की निकासी का काम तेजी से पूरा किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बारिश के मौसम में पहले से ही कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की समस्या सामने आ रही है, ऐसे में रियुंद पुल के पास बनी झील ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
फोरलेन निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कविराज ने बताया कि शुक्रवार से मशीनों की मदद से पानी निकालने के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से पानी को बाहर निकाला जाएगा, जिससे खतरे को कम किया जा सके।
फिलहाल प्रशासन और निर्माण कंपनी की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।