मानसून सत्र में सरकार को घेरेगा विपक्ष

Update: 2026-08-01 12:27 GMT

हिमाचल प्रदेश: विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 21 अगस्त से शुरू होगा और 3 सितंबर तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद सत्र की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। चौदहवीं विधानसभा का यह 12वां मानसून सत्र होगा, जिसमें कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र के दौरान प्रदेश की राजनीति में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह जनहित से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को सदन में घेरने की तैयारी कर रहा है।

विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा के अनुसार, विधायी कार्यों की महत्ता को देखते हुए 22 अगस्त को शनिवार होने के बावजूद सदन की बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं रक्षा बंधन और सप्ताहांत के कारण 28, 29 और 30 अगस्त को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 27 अगस्त का दिन गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस यानी प्राइवेट मेंबर्स डे के रूप में निर्धारित किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद सभी विधायक अपने क्षेत्र से जुड़े सवाल और सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को भेज सकते हैं। इसके लिए विधायकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील की है।

मानसून सत्र में विपक्षी भाजपा सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रही है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि भाजपा विधायक दल की बैठक में सत्र को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की विफलताओं और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की सूची विपक्ष के पास तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष को इन विषयों को उठाने के लिए पर्याप्त अवसर देंगे।

विपक्ष द्वारा बेरोजगारी, विकास कार्यों में देरी, आर्थिक स्थिति, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को सदन में उठाए जाने की संभावना है। भाजपा का कहना है कि वह प्रदेश के लोगों की समस्याओं को मजबूती से विधानसभा में रखेगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

वहीं मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रदेश सरकार में बड़े बदलाव की चर्चा भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चा की है। माना जा रहा है कि सत्र से पहले कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी लंबित है, जिस पर जल्द फैसला होने की संभावना है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी सूचना की प्रतियां सभी विधायकों, हिमाचल से जुड़े लोकसभा और राज्यसभा सांसदों, मुख्य सचिव, भारत निर्वाचन आयोग सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेज दी गई हैं।

राजनीतिक दृष्टि से हिमाचल विधानसभा का यह मानसून सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां सरकार अपने कामकाज और योजनाओं को सामने रखने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। अब देखने वाली बात होगी कि सदन में कौन-कौन से मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं और सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह जवाब देती है।

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