हिमाचल ई-टैक्सी योजना में बड़ा बदलाव, अब 50 साल तक आवेदन

Update: 2026-07-27 14:33 GMT

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं और स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी और ई-वाहन खरीदने के लिए निर्धारित आयु सीमा में बदलाव कर दिया है। अब इस योजना का लाभ लेने के लिए 23 से 50 वर्ष तक की आयु वाले व्यक्ति आवेदन कर सकेंगे।

इससे पहले ई-टैक्सी योजना के तहत आवेदन करने के लिए आयु सीमा 23 से 45 वर्ष निर्धारित की गई थी। सरकार के नए फैसले के बाद अब पांच साल अतिरिक्त आयु वर्ग के लोगों को भी इस योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले आयु सीमा पार होने के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।

श्रम एवं रोजगार तथा ओवरसीज प्लेसमेंट विभाग की सचिव प्रियंका बासु इंग्टी की ओर से 24 जुलाई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए योजना के नियमों में संशोधन किया है। संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

सरकार ने केवल आयु सीमा में ही बदलाव नहीं किया है, बल्कि योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ा दिया गया है। पहले निर्धारित अंतिम तिथि को अब एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है। इससे इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित कर रही है। ई-टैक्सी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने से बेरोजगार युवाओं को अपनी आय का साधन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से जहां पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं युवाओं के लिए नए व्यवसायिक अवसर भी तैयार होंगे। ई-टैक्सी सेवा आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। इसी को देखते हुए सरकार योजना के दायरे को लगातार बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

आयु सीमा बढ़ाने के फैसले से प्रदेश के ऐसे कई लोग लाभान्वित होंगे जो स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पहले तय आयु सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे। अब 46 से 50 वर्ष तक के इच्छुक लोग भी ई-टैक्सी खरीदकर योजना का हिस्सा बन सकते हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, योजना में किए गए इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में रोजगार के नए साधन विकसित हों और लोग आत्मनिर्भर बन सकें।

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-वाहन क्षेत्र को बढ़ावा देने की पहल हिमाचल सरकार की हरित परिवहन नीति का भी हिस्सा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।

प्रदेश सरकार के इस फैसले को बेरोजगार युवाओं और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। आयु सीमा में वृद्धि और आवेदन की समय सीमा बढ़ने से अब अधिक संख्या में लोग इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे और अपने रोजगार का नया रास्ता तैयार कर सकेंगे।

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