सीनियर सिविल जज असलम बेग की अदालत ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिया है कि वह अपने कर्मचारी वीरेंद्र कुमार को देय राशि का भुगतान ब्याज सहित तीन दिनों के भीतर करे। अदालत ने PWD को चेतावनी दी है कि यदि 17 अक्टूबर तक इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो मंडी में तरना रोड पर स्थित उनके सर्किट हाउस को कुर्क कर लिया जाएगा।
अदालत के निर्देशों के अनुसार, यदि विभाग तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो कोर्ट बेलीफ (अदालत का अधिकारी) 27 अक्टूबर को सर्किट हाउस का कब्जा ले लेगा। अदालत ने सिविल नजीर को निर्देश दिया है कि वे बेलीफ को कुर्की की कार्यवाही पूरी करने के लिए आवश्यक सभी उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराएं। मंडी के पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करें, ताकि अदालत के आदेश के पालन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
अदालत ने बेलीफ को निर्देश दिया है कि सर्किट हाउस में ठहरने वाले मेहमानों के चेक-इन और चेक-आउट के समय को ध्यान में रखते हुए, कुर्की की कार्यवाही 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे के बाद ही शुरू की जाए। इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी कार्यवाही के कारण सर्किट हाउस के नियमित कामकाज में कोई अनावश्यक बाधा न आए और वहां ठहरे लोगों को कोई असुविधा न हो।
यह मामला वीरेंद्र कुमार और PWD के बीच विवाद से जुड़ा है। वीरेंद्र कुमार ने विभाग के आदेशों को लेबर कोर्ट (श्रम न्यायालय) में चुनौती दी थी, जिसने 7 सितंबर 2022 को उनके पक्ष में फैसला सुनाया। लेबर कोर्ट ने उन्हें 329,222 रुपये का मुआवजा, 34 महीने के वेतन की बकाया राशि और उस पर लागू ब्याज देने का आदेश दिया था। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी विभाग ने कथित तौर पर इस आदेश का पालन नहीं किया है।