शिमला। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों में सुस्ती, बढ़ते कर्ज और चुनावी गारंटियों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मिले समर्थन से स्पष्ट है कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है।जयराम ठाकुर रविवार, 18 अक्टूबर को शाहपुर में भाजपा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित किया गया था।
भरमौर से सिरमौर तक भाजपा को समर्थन मिलने का दावा
जयराम ठाकुर ने समारोह में कहा कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जनता का समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि भरमौर से लेकर सिरमौर तक लोगों ने स्थानीय निकाय चुनावों के माध्यम से कांग्रेस सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव स्थानीय स्तर पर जनता की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।भाजपा इन नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए उत्साहजनक मान रही है। हालांकि, स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता और स्थानीय मुद्दों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कांग्रेस सरकार पर विकास कार्य ठप होने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है।उनका कहना था कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद या प्रभावित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जयराम ठाकुर इससे पहले भी गृहिणी सुविधा, शगुन, सहारा, हिमकेयर और स्वावलंबन जैसी योजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। ये भाजपा नेता के आरोप हैं, जिन पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार से मांगा जवाब
जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि विकास परियोजनाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार को वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए, ताकि जनता से जुड़ी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।उन्होंने सरकार से खर्च की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। हालांकि, राज्य की वित्तीय स्थिति का आकलन बजट, वास्तविक ऋण आंकड़ों और राजस्व संबंधी दस्तावेजों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
चुनावी गारंटियों पर कांग्रेस को घेरा
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता से किए गए कई वादे अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं।उनका कहना था कि सरकार को नई घोषणाएं करने के बजाय पहले किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।हाल ही में मंडी में भी जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर अधूरी चुनावी गारंटियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए नई घोषणाएं करने का आरोप लगाया था।
नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से जनता के बीच रहने की अपील
भाजपा के अभिनंदन समारोह में नवनिर्वाचित पंचायत और स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।जयराम ठाकुर ने जनप्रतिनिधियों से गांवों और कस्बों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और इनकी भूमिका आम लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में बेहद अहम होती है।भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों की जीत को लेकर उन्होंने पहले भी दावा किया था कि 11 जिला परिषदों में से 10 में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सफलता मिली है। इस दावे को आधिकारिक चुनाव परिणामों से अलग देखना जरूरी है।
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी भाजपा
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है और भाजपा 2027 में सत्ता में लौटने की तैयारी कर रही है।दूसरी ओर, कांग्रेस सरकार पहले भी भाजपा के आरोपों को नकारते हुए विपक्ष पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगा चुकी है।हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले विकास, रोजगार, वित्तीय स्थिति और चुनावी वादों जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। फिलहाल दोनों प्रमुख दल जनता के बीच अपनी उपलब्धियां और दावे रख रहे हैं।
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