छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, खराब मौसम के बाद 6 हजार से ज्यादा श्रद्धालु रवाना
श्रीनगर : खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मौसम में सुधार के बाद पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा की ओर रवाना किया गया। इस दौरान 6,000 से अधिक श्रद्धालु जम्मू से कश्मीर के लिए आगे बढ़े।
अमरनाथ यात्रा को लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते एहतियात के तौर पर 19 जुलाई को रोक दिया गया था। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों प्रमुख मार्गों पर आवाजाही बंद करने का फैसला लिया था। अब हालात में सुधार के बाद यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई है।
दोनों मार्गों से शुरू हुई यात्रा
अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले से होकर जाने वाले 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा फिर शुरू हुई।
दोनों रास्ते समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं। पहलगाम मार्ग लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान माना जाता है, जबकि बालटाल मार्ग छोटा है लेकिन अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
खराब मौसम के कारण रोकी गई थी यात्रा
लगातार बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा मार्गों पर फिसलन, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक जोखिम बढ़ गए थे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने 19 जुलाई को यात्रा रोकने का निर्णय लिया था।
अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए किसी भी जोखिम से बचने के लिए यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी था।
पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश जारी थी, जिससे कई जगहों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आईं।
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे खुलने के बाद मिली राहत
यात्रा दोबारा शुरू होने में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे का खुलना भी एक अहम कारण रहा। अधिकारियों के अनुसार, उधमपुर और रामबन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यह हाईवे तीन दिनों तक बंद रहा था।
सड़क मार्ग बहाल होने के बाद तीर्थयात्रियों की आवाजाही को फिर से शुरू किया गया। प्रशासन और संबंधित विभागों ने हाईवे की स्थिति की समीक्षा करने के बाद यात्रा बहाल करने का फैसला लिया।
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
अमरनाथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु देशभर से जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है।
अधिकारियों ने बताया कि मौसम की निगरानी लगातार की जा रही है। यदि आगे भी मौसम खराब होता है तो परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सहायता और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
छह दिन बाद यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में खुशी देखी गई। कई तीर्थयात्रियों ने बताया कि वे लंबे इंतजार के बाद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण यात्रा रुकना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था, लेकिन अब यात्रा शुरू होने से उन्हें राहत मिली है।
आगे भी मौसम पर रहेगी नजर
अमरनाथ यात्रा के दौरान मौसम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश, बर्फबारी या भूस्खलन जैसी परिस्थितियां यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रशासन ने कहा है कि मौसम विभाग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
छह दिनों के व्यवधान के बाद अमरनाथ यात्रा की बहाली से तीर्थयात्रियों और प्रशासन दोनों को राहत मिली है। अब सभी की नजर यात्रा मार्गों की स्थिति और आने वाले दिनों के मौसम पर बनी हुई है।