जम्मू-कश्मीर: एनआईए कोर्ट ने देवेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज की

Update: 2026-07-25 15:30 GMT
Jammu जम्मू। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने बर्खास्त डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) देवेंद्र सिंह की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें पिता के निधन के बाद होने वाली धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए पांच दिन की कस्टडी पैरोल मंजूर की है। एनआईए विशेष अदालत के आदेश के अनुसार, देवेंद्र सिंह को पुलिस सुरक्षा के बीच श्रीनगर स्थित अपने घर जाने की अनुमति दी गई है। वह 27 जुलाई से 30 जुलाई के बीच अखंड पाठ और अंतिम संस्कार के बाद की रस्मों में शामिल हो सकेंगे। अदालत ने निर्देश दिया है कि पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें 31 जुलाई को वापस जेल लाया जाएगा।
देवेंद्र सिंह इस समय जम्मू की कोट भलवाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने पिता दीदार सिंह के निधन के बाद अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए 20 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी। उनके पिता का निधन 17 जुलाई को श्रीनगर में हुआ था। विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने अपने आदेश में कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अंतरिम जमानत देने पर विचार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि आरोपी पहले ही नियमित जमानत खारिज होने के खिलाफ अपील दायर कर चुका है। हालांकि अदालत ने मानवीय आधार पर उनकी याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति दी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि पैरोल के दौरान देवेंद्र सिंह पुलिस हिरासत में रहेंगे। उन्हें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर ले जाया जाएगा और इसके बाद वापस सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। एनआईए ने देवेंद्र सिंह की अंतरिम जमानत का विरोध किया था। जांच एजेंसी ने आईपीसी, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज गंभीर मामलों का हवाला दिया। एनआईए ने अदालत में तर्क दिया कि रिहाई की स्थिति में गवाहों को प्रभावित करने या जांच प्रक्रिया पर असर पड़ने का खतरा हो सकता है।
हालांकि एनआईए ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ कस्टडी पैरोल देने पर आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने इसी आधार पर उन्हें सीमित अवधि के लिए पैरोल देने का फैसला किया। गौरतलब है कि देवेंद्र सिंह को जनवरी 2020 में अनंतनाग में एक चेकपॉइंट पर गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों, जिनमें संगठन का कथित कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक भी शामिल था, को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रहे थे। इसके बाद एनआईए ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के बाद वर्ष 2021 में उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। मामले में सुरक्षा एजेंसियां लगातार आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं।
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