रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (वीडीए) में 11.65 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस बदलाव के बाद राज्य में लागू न्यूनतम मजदूरी की दरें बढ़ गई हैं। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
सरकार के इस फैसले का लाभ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और
अतिकुशल
श्रमिकों को मिलेगा। विभाग ने क्षेत्रवार मजदूरी निर्धारित करने के लिए राज्य को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। इनमें ए, बी और सी श्रेणियां शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी में दैनिक और मासिक न्यूनतम मजदूरी की दरें अलग-अलग रखी गई हैं।राज्य के श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी परिवर्तनशील महंगाई भत्ते से संबंधित अधिसूचना सूचीबद्ध है।
महंगाई भत्ते में 11.65 प्रतिशत की वृद्धि
झारखंड सरकार ने बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में संशोधन किया है।परिवर्तनशील महंगाई भत्ता न्यूनतम मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसमें मूल्य सूचकांक के आधार पर समय-समय पर बदलाव किया जाता है।इसका उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाली वृद्धि के प्रभाव को कम करना है।
महंगाई बढ़ने से श्रमिक परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित होता है। खाद्य सामग्री, परिवहन, शिक्षा और अन्य जरूरी खर्चों में बढ़ोतरी के बीच न्यूनतम मजदूरी में संशोधन महत्वपूर्ण माना जाता है।नई अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर से संशोधित मजदूरी लागू होने के कारण पात्र श्रमिकों को इसी तारीख से बढ़ी हुई दरों के आधार पर भुगतान किया जाना होगा।
तीन श्रेणियों में बांटे गए राज्य के क्षेत्र
श्रम विभाग ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए भौगोलिक और प्रशासनिक क्षेत्रों को तीन वर्गों में रखा है।ए श्रेणी में राज्य के प्रमुख नगर निगम और चुनिंदा शहरी क्षेत्र शामिल हैं। बी श्रेणी में ए श्रेणी को छोड़कर अन्य नगर निकाय क्षेत्रों को रखा गया है।
वहीं, सी श्रेणी में राज्य के शेष क्षेत्र आते हैं।इस व्यवस्था के तहत बड़े शहरी क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए अलग-अलग मजदूरी दरें लागू होती हैं।इसका अर्थ है कि समान कौशल वाले दो श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी उनके कार्यस्थल की क्षेत्रीय श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है।
रांची और धनबाद समेत ये शहर ए श्रेणी में
सरकार ने ए श्रेणी में राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को शामिल किया है।इनमें रांची नगर निगम, चास नगर निगम, धनबाद नगर निगम, देवघर नगर निगम और हजारीबाग नगर निगम प्रमुख हैं।इसके अलावा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र और आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र भी इसी श्रेणी में शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को ए श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।इन शहरों में औद्योगिक संस्थान, निर्माण परियोजनाएं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य रोजगार गतिविधियां बड़ी संख्या में संचालित होती हैं।ऐसे में मजदूरी दरों में संशोधन का प्रभाव विभिन्न श्रमिक वर्गों पर पड़ने की संभावना है।
बी और सी श्रेणी में किन क्षेत्रों को रखा गया?
बी श्रेणी में ए श्रेणी को छोड़कर झारखंड के अन्य नगर निकाय क्षेत्र शामिल हैं।इनमें विभिन्न जिलों के नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों को रखा गया है।वहीं, सी श्रेणी में ए और बी श्रेणी से बाहर आने वाले अन्य क्षेत्र शामिल हैं।इस श्रेणी में बड़ी संख्या में ग्रामीण और गैर-नगर निकाय क्षेत्र आते हैं।इन क्षेत्रों में काम करने वाले पात्र श्रमिकों के लिए सरकार ने अलग न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की है।क्षेत्रों की यह व्यवस्था राज्य की पूर्ववर्ती न्यूनतम मजदूरी अधिसूचनाओं में भी लागू रही है।
अकुशल से अतिकुशल श्रमिकों तक मिलेगा लाभ
संशोधित न्यूनतम मजदूरी में श्रमिकों के कौशल स्तर को भी आधार बनाया गया है।अकुशल श्रमिकों की श्रेणी में ऐसे कामगार आते हैं, जिनके कार्य के लिए सामान्यतः किसी विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती।अर्द्धकुशल श्रमिक ऐसे कार्यों में लगे होते हैं, जिनके लिए कुछ अनुभव या प्रशिक्षण जरूरी होता है।
कुशल श्रमिकों में तकनीकी जानकारी और विशेष कार्यक्षमता वाले कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। वहीं, अतिकुशल श्रमिकों के लिए अधिक विशेषज्ञता और अनुभव की आवश्यकता होती है।प्रत्येक वर्ग के लिए अलग न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की जाती है, ताकि कार्य की प्रकृति और आवश्यक कौशल के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
पिछली बार अप्रैल में बढ़ी थी मजदूरी
झारखंड सरकार ने इससे पहले अप्रैल 2026 से प्रभावी न्यूनतम मजदूरी में भी संशोधन किया था।उस समय ए श्रेणी में अकुशल श्रमिकों के लिए दैनिक न्यूनतम मजदूरी 515 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 540 रुपये, कुशल के लिए 712 रुपये और अतिकुशल के लिए 821 रुपये निर्धारित की गई थी।बी श्रेणी में यह दर क्रमशः 491 रुपये, 515 रुपये, 679 रुपये और 783 रुपये थी।
वहीं, सी श्रेणी में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी लगभग 468 रुपये, अर्द्धकुशल की 491 रुपये, कुशल की 647 रुपये और अतिकुशल की 746 रुपये प्रतिदिन थी।ये अप्रैल 2026 की पूर्ववर्ती दरें हैं। अक्टूबर में लागू संशोधित मजदूरी की सटीक श्रेणीवार राशि के लिए नई अधिसूचना की दर तालिका देखना आवश्यक है।
निर्माण और अन्य क्षेत्रों के कामगारों को राहत
न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का महत्व विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए अधिक है, जिनकी आय सीमित होती है।राज्य में निर्माण कार्य, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य अधिसूचित रोजगार क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं।नई दरों से संबंधित अधिसूचित रोजगारों में काम करने वाले पात्र मजदूरों को लाभ मिलेगा।
इससे श्रमिकों की दैनिक आमदनी में सुधार होने और आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कुछ सहायता मिलने की उम्मीद है।हालांकि, वास्तविक लाभ श्रमिक की श्रेणी, कार्यक्षेत्र और लागू रोजगार अधिसूचना पर निर्भर करेगा।
न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान पर हो सकती है कार्रवाई
सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करना संबंधित नियोक्ताओं की कानूनी जिम्मेदारी है।यदि किसी पात्र श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम दर से कम भुगतान किया जाता है, तो वह संबंधित श्रम कार्यालय में शिकायत कर सकता है।श्रम विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लागू मजदूरी दरों के पालन की निगरानी करें।इसके अलावा श्रमिकों को अपने कार्य की प्रकृति, क्षेत्रीय श्रेणी और भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने से विवाद की स्थिति में मदद मिल सकती है।
श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद
झारखंड सरकार के इस फैसले को श्रमिक हितों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।महंगाई के कारण कम आय वाले परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। ऐसे में मजदूरी संशोधन से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था है, जिनके पास नियमित वेतन वृद्धि या अन्य रोजगार लाभ सीमित हैं।सरकार की ओर से घोषित नई दरों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित प्रतिष्ठान और नियोक्ता उनका पालन सुनिश्चित करेंगे।
1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी संशोधित न्यूनतम मजदूरी के तहत अलग-अलग क्षेत्रों और कौशल वर्गों के श्रमिकों को नई दरों का लाभ मिलेगा। श्रमिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी क्षेत्रीय श्रेणी और रोजगार के अनुसार लागू दैनिक तथा मासिक मजदूरी की जानकारी श्रम विभाग की आधिकारिक अधिसूचना से प्राप्त करें।
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