जमशेदपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जमशेदपुर साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिष्टुपुर साइबर थाना की टीम ने ₹3.08 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत साइबर अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का तरीका लोगों को फर्जी लिंक भेजकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करना और फिर अवैध तरीके से रकम निकालना था। साइबर ठगी के इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पंजाब के पटियाला निवासी एक व्यक्ति ने साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे एक फर्जी लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने के बाद उसके बैंक खाते से ₹3,08,000 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।
शिकायत मिलने के बाद बिष्टुपुर साइबर थाना में कांड संख्या 015/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों की पड़ताल और बैंकिंग लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी साइबर ठगी के लिए फर्जी लिंक और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। वे लोगों को अलग-अलग बहानों से लिंक भेजते थे और जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता था, उसकी बैंकिंग जानकारी उनके हाथ लग जाती थी। इसके बाद आरोपी खाते से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी के नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इन उपकरणों से साइबर ठगी से जुड़े कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब फरार तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।