Ranchi में जंतर-मंतर जैसा आंदोलन, परीक्षा घोटाले के खिलाफ छात्रों का संघर्ष तेज
रांची : दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब झारखंड की राजधानी रांची में भी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रांची में हुए इस बड़े छात्र प्रदर्शन ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियों से उन्हें पूरी तरह भरोसा नहीं है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
छात्रों ने मांग की है कि जिन परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। कई छात्र वर्षों तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत गतिविधियों के कारण उनका भविष्य अधर में लटक जाता है।
आंदोलन कर रहे छात्रों ने यह भी मांग रखी है कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
छात्र संगठनों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार सामने आ रही खामियां युवाओं के विश्वास को कमजोर कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
इस आंदोलन के बाद झारखंड की राजनीति भी गर्म हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि युवाओं को रोजगार देने के वादे किए गए थे, लेकिन अब वही युवा परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
वहीं, सरकार और प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि छात्रों की चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और मामले की जांच प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में रांची में शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकता है। फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।