गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर एक युवक ने ऐसा खतरनाक कदम उठाया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। महादेव तिवारी नामक युवक अपने चार साल के मासूम बेटे को लेकर करीब 120 से 150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक ने जमीन में अपना हिस्सा नहीं मिलने पर बच्चे को नीचे फेंकने और खुद भी कूदने की धमकी दी। टंकी के ऊपर पिता और मासूम बच्चे को देखकर आसपास के लोग घबरा गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक युवक को समझाया और उसकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। अंततः युवक और उसके बेटे को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

पैतृक जमीन को लेकर परिवार में चल रहा था विवाद

जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार, 22 अक्टूबर को गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अजीडीह में हुई। युवक की पहचान स्थानीय निवासी महादेव तिवारी के रूप में हुई है।

महादेव का अपने परिवार के सदस्यों के साथ पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। उसका आरोप था कि परिवार के लोग उसे संपत्ति में उसका उचित हिस्सा नहीं दे रहे हैं।

इसी बात को लेकर वह काफी परेशान था। गुरुवार सुबह उसकी पत्नी के साथ भी कहासुनी होने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि पारिवारिक तनाव के बीच महादेव अपने चार साल के बेटे को लेकर गांव में बनी ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया।

मासूम को नीचे फेंकने की धमकी से मचा हड़कंप

गुरुवार सुबह करीब दस बजे स्थानीय लोगों की नजर पानी की टंकी पर पड़ी। उन्होंने देखा कि एक युवक अपने छोटे बच्चे को लेकर टंकी के ऊपरी हिस्से पर मौजूद है।

इतनी ऊंचाई पर मासूम को देखकर लोगों के होश उड़ गए। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर जुटने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक लगातार जमीन में अपना हिस्सा दिलाने की मांग कर रहा था। इसी दौरान उसने बच्चे को नीचे फेंकने और खुद भी कूदने की धमकी दी।

लोगों ने उसे आवाज लगाकर समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ।

घटना के दौरान सबसे अधिक चिंता बच्चे की सुरक्षा को लेकर थी।

पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस सक्रिय हुई। महतोडीह पुलिस चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने युवक को शांत करने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों ने उससे बातचीत करते हुए समझाया कि जमीन के विवाद का समाधान कानूनी और आपसी बातचीत के माध्यम से निकाला जा सकता है।

स्थिति गंभीर होने के कारण प्रशासन ने सावधानी बरती। अधिकारियों का प्रयास था कि किसी भी तरह की जल्दबाजी से बच्चे की जान खतरे में न पड़े।

इसी दौरान गिरिडीह सदर के अंचलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने युवक से बातचीत कर उसकी मांगों को सुना।

अंचलाधिकारी ने दिया न्याय दिलाने का भरोसा

अंचलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद ने महादेव तिवारी से मोबाइल फोन के माध्यम से बातचीत की।

उन्होंने आश्वासन दिया कि पहले वह अपने बेटे के साथ सुरक्षित नीचे उतर आए। इसके बाद उसके पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर संबंधित लोगों के साथ बातचीत कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने भी युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।

प्रशासन की लगातार समझाइश के बाद महादेव का रवैया नरम पड़ा और वह नीचे आने के लिए तैयार हुआ।

इस दौरान मौके पर मौजूद लोग भी युवक और बच्चे की सुरक्षा के लिए चिंतित रहे।

सुरक्षित नीचे उतारे गए पिता और मासूम बेटा

पुलिस और प्रशासन की मशक्कत के बाद महादेव तिवारी और उसके चार साल के बेटे को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

कुछ खबरों में बचाव अभियान लगभग तीन घंटे तक चलने की बात कही गई है, जबकि पुलिस के हवाले से जारी अन्य विवरण में एक घंटे से अधिक समय तक समझाने का उल्लेख है।

दोनों के सुरक्षित नीचे आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

बच्चे को तत्काल उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

पानी की टंकी के पास हुई जमीन विवाद पर बातचीत

युवक के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद प्रशासन ने उसके पारिवारिक जमीन विवाद को सुलझाने की पहल की।

पानी की टंकी के पास एक पेड़ के नीचे परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बातचीत की गई।

इस दौरान जमीन के बंटवारे और महादेव की मांगों को लेकर चर्चा हुई।

पुलिस ने गांव के पंचायत प्रतिनिधियों और परिवार के बुजुर्गों को आपसी बातचीत के जरिए विवाद का जल्द समाधान निकालने के लिए कहा।

हालांकि, जमीन का बंटवारा हो जाने या दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनने की पुष्टि नहीं हुई है।

युवक के नशे में होने की भी चर्चा

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच महादेव तिवारी के शराब के नशे में होने की चर्चा भी सामने आई।

हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से युवक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ऐसे में इस दावे को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

फिलहाल घटना के पीछे प्रमुख कारण पारिवारिक जमीन विवाद और घरेलू कहासुनी बताई जा रही है।

पारिवारिक विवाद में बच्चे की जान जोखिम में डालने पर सवाल

इस घटना ने पारिवारिक संपत्ति विवादों के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचा है।

जमीन के बंटवारे को लेकर परिवारों में मतभेद होना अलग बात है, लेकिन ऐसे विवाद में छोटे बच्चे की सुरक्षा को खतरे में डालना बेहद गंभीर मामला है।

चार साल का बच्चा अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह वयस्कों पर निर्भर होता है। ऐसी स्थिति में उसे ऊंची टंकी पर ले जाना और नुकसान पहुंचाने की धमकी देना उसके जीवन के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता था।

विशेषज्ञों के अनुसार, पारिवारिक संपत्ति से संबंधित विवादों को कानून, प्रशासनिक प्रक्रिया या मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

गिरिडीह की इस घटना में पुलिस और प्रशासन की समझाइश से पिता और बच्चे की जान सुरक्षित बच गई।

समय रहते अधिकारियों के पहुंचने और युवक से संवाद स्थापित करने के कारण स्थिति को संभाल लिया गया।

अब इस पूरे मामले में परिवार के बीच जमीन विवाद का स्थायी समाधान निकालना महत्वपूर्ण होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

फिलहाल महादेव तिवारी और उसका मासूम बेटा सुरक्षित हैं। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया है।

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