स्कूल प्राचार्य पर जानलेवा हमले से खूंटी में बवाल, 8 पुलिस अधिकारियों की SIT गठित
खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने आठ पुलिस पदाधिकारियों की विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। टीम को हमलावरों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी में एएसपी अभियान क्रिस्टोफर केरकेट्टा, एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा सहित खूंटी, मारंगहादा और मुरहू थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है। वहीं, फादर पर हमले के बाद स्थानीय लोगों और मसीही समुदाय में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
आठ पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित
फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए हमले को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एसपी ऋषभ गर्ग ने मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी बनाई है।
इस टीम में एएसपी अभियान क्रिस्टोफर केरकेट्टा, एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा, इंस्पेक्टर अशोक सिंह, खूंटी थाना प्रभारी बाबू बंशी साव, मारंगहादा थाना प्रभारी प्रभात रंजन पांडेय, मुरहू थाना प्रभारी नॉवेल गोडविन केरकेट्टा और एसआई आदित्य कुमार सहित एक अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
एसआईटी को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण करने, संदिग्धों की पहचान करने और हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के हर पहलू पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
विद्यालय परिसर में घायल अवस्था में मिले थे फादर
जानकारी के अनुसार, बुधवार, 21 अक्टूबर की सुबह आरसी बालक मध्य विद्यालय परिसर में फादर बेनेदिक्त बारला गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए थे।
सुबह विद्यालय पहुंची एक महिला ने उन्हें कार्यालय के पास अचेत अवस्था में देखा। इसके बाद उसने संत मिखाइल महागिरजाघर पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना के बारे में बताया गया।
फादर को तत्काल उपचार के लिए खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया।
उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। शुरुआती खबरों में उनकी हालत गंभीर बताई गई थी।
सीसीटीवी में दिखे तीन संदिग्ध युवक
पुलिस की शुरुआती जांच में विद्यालय परिसर के सीसीटीवी कैमरों से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है।
सीसीटीवी फुटेज में तीन नकाबपोश संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं। बताया जा रहा है कि वे विद्यालय परिसर में किसी वस्तु की तलाश कर रहे थे।
इसी दौरान फादर बेनेदिक्त बारला से उनका सामना होने और उन पर हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, पुलिस ने अभी इन संदिग्धों की पहचान और हमले में उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एसआईटी फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध विद्यालय परिसर में किस उद्देश्य से दाखिल हुए थे।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच भी शुरू की है।
फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) और डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाया गया। जांच टीम ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
विद्यालय के कार्यालय में सामान बिखरा मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा घटनास्थल पर खून के निशान मिटाने के प्रयास के संकेत मिलने की बात कही गई है।
पुलिस को फादर का मोबाइल फोन भी मिला है, जिसे जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच अधिकारी विभिन्न संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। हालांकि, हमले में इस्तेमाल हथियार को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। ऐसे में अंतिम स्थिति फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगी।
घटना के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
फादर बेनेदिक्त बारला पर हमले की खबर फैलते ही खूंटी में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
मसीही समुदाय और आदिवासी समाज के लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने शहर के भगत सिंह चौक पर सड़क जाम कर विरोध जताया। इसके कारण कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि शिक्षण संस्थान से जुड़े व्यक्ति पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर है। उन्होंने विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई।
प्रशासन को सौंपा नौ सूत्रीय मांगपत्र
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मांगपत्र में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच, पीड़ित को उचित चिकित्सा सुविधा और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल थे।
लोगों ने विद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों की पहचान के लिए सभी जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया।
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद करीब साढ़े छह घंटे तक चला सड़क जाम समाप्त हुआ।
हमले के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान और घटना के उद्देश्य का पता लगाना है।
यह हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम था, लूटपाट के उद्देश्य से किया गया या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस विभिन्न संभावनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि फिलहाल मामले में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच टीम को जल्द से जल्द तथ्यों का पता लगाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने जिले के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय परिसर में अज्ञात लोगों का प्रवेश और प्राचार्य पर गंभीर हमला चिंताजनक माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा संबंधी इंतजाम मजबूत किए जाने चाहिए।
इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी, प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते सूचना देना महत्वपूर्ण है।
आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें
फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और पुलिस संदिग्धों की पहचान के प्रयास में जुटी है।
फादर बेनेदिक्त बारला के स्वास्थ्य को लेकर भी स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। समुदाय के लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
इस मामले में अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय परिसर में फादर बेनेदिक्त बारला पर हमला किसने और किस उद्देश्य से किया था।